Kisan Andolan: दिल्ली सरकार के खिलाफ एक सप्ताह से जारी है आंदोलन, हरियाणा के किसान संगठन से भी मिला समर्थन

दिल्ली में किसानों के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। फसल बर्बाद होने पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा करने के बाद उस पर अमल नहीं करने पर भारतीय जनता पार्टी में दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके तहत भाजपा किसान मोर्चा का मुख्यमंत्री आवास के नजदीक पिछले सात दिनों से धरना चल रहा है। भाजपा नेताओं ने अब दिल्ली सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार की अनदेखी की वजह से यहां के किसान परेशान हैं। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो राजधानी में ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी।

इस बाबत दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मंगलवार को आंदोलनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसानों को ट्रैक्टर और कृषि उपकरण खरीदने पर कोई छूट नहीं मिलती है। व्यवसायिक दर पर उनसे बिजली के बिल वसूले जाते हैं। दिल्ली के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। भाजपा के आंदोलन की वजह से सरकार ने फसल बर्बाद होने पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा तो की, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। कई गांवों में खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ है, जिस वजह से किसान खेती करने में असमर्थ हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए किसान आंदोलन कर रहे हैं।

किसानों के इस धरने में किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद सहरावत, महामंत्री अनूप चौधरी, राजपाल राणा, जय सहरावत, विनोद वत्स, रणधीर विजय लाकड़ा एवं अतुल शर्मा के साथ अन्य पदाधिकारी व किसान मौजूद थे। अखिल भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के महासचिव सतीश नंबरदार ने धरने का समर्थन किया और भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।