Diabetes Diet Tips: डायबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो खाने की इन सफेद चीज़ों से रहें दूर!

डायबिटीज़ के मरीज़ों को हर वक्त अपने ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखना होता है। वे अक्सर हेल्दी लाइफस्टाइल और खाने की आदतों को अपनाते हैं, ताकि ब्लड शुगर स्तर सही रहे। डायबिटीज़ के मरीज़ों को खाने की ऐसी चीज़ों से दूर रहना चाहिए जिनमें मीठे औरकार्ब्ज़ का स्तर ज़्यादा होता है। सफेद रंग के खानों में कार्ब्ज़ की मात्रा काफी ज़्यादा होती है, इसलिए डायबिटीज़ के मरीज़ों को इनसे बचकर रहना चाहिए।

खाने में तीन तरह के कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं – स्टार्च, चीनी और फाइबर। डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए स्टार्च और शर्करा सबसे बड़ी समस्या होती है। मानव शरीर स्टार्च और चीनी को ग्लूकोज में तोड़ता है और उन्हें जल्दी से अवशोषित करता है। इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। कई सफेद रंग के खाद्य पदार्थ स्टार्च और शर्करा जैसे कार्बोहाइड्रेट से भरे होते हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं।

खाने की 4 सफेद चीज़ें जो डायबिटीज़ के मरीज़ों को नहीं खानी चाहिए।

पास्ता सॉस, क्रीम, पनीर और मक्खन से बनाया जाता है। इससे आपको बहुत अधिक कैलोरी, वसा और कार्बोहाइड्रेट मिलते हैं। यह मैदे से बनाया जाता है, जो शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है। साथ ही यह मोटापे का कारण भी बनता है। अगर आपको डायबिटीज़ है तो पास्ता न खाएं।

आलू में कैलोरी, कार्ब्ज़, फैट्स, प्रोटीन और फाइबर होता है। इसके उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए सही नहीं है। आलू खाने से शरीर का ब्लड शुगर स्तर बढ़ जात है, इसलिए इससे दूर रहना चाहिए।

एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग सफेद चावल खाते हैं उनमें टाइप-2 डायबिटीज़ होने का ख़तरा बहुत ज़्यादा होता है। इसलिए अगर आप प्री-डायबिटिक हैं, तो आपको चावल नहीं खाना चाहिए। सफेद चावलों में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो शरीर के रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है।

सफेद ब्रेड रिफाइंड स्टार्च से भरे तत्वों से बनाई जाती है। ये चीज़ें शुगर की तरह काम करती हैं और बहुत जल्दी पच जाती हैं। इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। सफेद ब्रेड में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।