आइएएस बनने की राह में स्‍मार्ट तैयारी के लिए स्‍टूडेंट्स जानें उपयोगी टिप्‍स…

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए हर साल करीब 12 लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं, जबकि जबकि कुल रिक्तियां सात-आठ सौ के बीच ही होती हैं। कारपोरेट सेक्टर और एमएनसी की आकषर्क पैकेज वाली नौकरियों के बावजूद युवाओं के बीच सिविल सेवा खासकर आइएएस और आइपीएस के प्रति लगाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।

हालांकि प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट (सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट) का अनिवार्य प्रश्नपत्र शुरू होने के बाद हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की यह शिकायत रही है कि इसे अंग्रेजी माध्यम वालों को ध्यान में रखकर ही तैयारी किया है। हालांकि बाद में अंग्रेजी के अनुच्छेद हटा दिए जाने के बाद उनकी शिकायत काफी हद तक दूर हो गई है। वैसे अभी भी कई अभ्यर्थियों को गणित के सवालों को लेकर संशय रहता है, जो उचित नहीं है। शिकायतों को देखते हुए सीसैट के पेपर को क्वालिफाइंग (35 प्रतिशत मात्र) बना दिया गया है। ऐसे में इससे डरने के बजाय सोच-समझकर तैयारी करने से इसे आसानी से पास किया जा सकता है।

एप्टीट्यूड के साथ बढ़ें आगे

यदि आप सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और इसे उत्तीर्ण करके भावी प्रशासक बनने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको अपने एप्टीट्यूड में बदलाव लाना चाहिए। सिविल सेवा परीक्षा का उद्देश्य भावी प्रशासक के रूप में अभ्यथिर्यों के एप्टीट्यूड के बुनियादी स्तर को जांचना होता है। यह कहना भी गलत है कि यह पेपर आइआइटी वालों के अधिक अनुकूल है, क्योंकि आयोग इंजीनियर को चुनने के बजाय एक प्रशासक से लोगों के बीच काम करते हुए उनकी समस्याओं को तत्परता से हल कर सके। परीक्षा के जरिए इसी को जांचने का प्रयास किया जाता है। गणित से डरने के बजाय इसे सही नजरिए से देखें, क्योंकि यह गणित का पेपर नहीं है। यह मूलत: तर्कशक्ति परीक्षण यानी रीजनिंग का पेपर है। पिछले दस वर्षों के प्रश्नपत्रों को ध्यान से देख लें। यह जान लें कि किस क्षेत्र से ज्यादा सवाल आते रहे हैं। उनमें से जिसमें आपकी अधिक रुचि है, जिसमें आप मजबूत हैं, उस पर फोकस करते हुए उसमें खुद को मजबूत कर लें, ताकि उस खंड के सभी सवालों को सही-सही हल कर सकें। जैसे कुल 80 सवाल आते हैं और उसमें से आपको 40 बहुत मुश्किल लगते हैं, तो उन 40 को भूलकर आप बाकी 40 पर अपना ध्यान केंद्रित कर इन्हें पूरी तरह सही हल करने पर ध्यान दें। समय न गंवाएं। हर प्रश्न को हल करने के बजाय आप उन पर अधिक ध्यान दें, जो आपको सफलता दिला सकते हैं। आप आराम से सीसैट क्वालिफाई कर जाएंगे।

विकसित करें विश्लेणात्मक क्षमता

यदि आप गौर करें, तो यही पाएंगे कि सिविल सेवा परीक्षा (चाहे प्रारंभिक हो या मुख्य परीक्षा), किसी में भी सीधे सवाल नहीं पूछे जाते। प्रश्न विश्लेणात्मक होते हैं। आपने विषय को समझकर पढ़ा है, तो किसी भी तरह से सवाल पूछे जाने पर आप आसानी से उसका जवाब दे सकते हैं। आप सोच कर न पढ़ें कि सिविल सेवा में सीटें कम हैं, तो पता नहीं आपका चयन होगा या नहीं। अब यह सोच ठीक नहीं है, क्योंकि आज के समय में ज्यादातर राज्यों की प्रांतीय राज्य सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम लगभग एक जैसा है। ऐसे में यदि आप सही दिशा में डूब कर/समझ-बूझ कर पढ़ाई करेंगे, तो सात सौ ही रिक्तियां ही नहीं हैं, राज्यों को भी जोड़ लें तो यह कई गुना बढ़ जाती हैं। किसी कारण आइएएस में नहीं हुआ, तो और कहीं न कहीं तो होगा ही। इसका भरोसा रखें और अपना आत्मविश्वास कम न होने दें। एक और बात, सिविल सेवा परीक्षा के लिए आप जो तैयारी करते हैं, वह आपको आइएएस बनाए या न बनाए, इस प्रक्रिया में आप जो नालेज हासिल करते हैं, उससे हर क्षेत्र में लीडरशिप रोल में रह सकते हैं।

धैर्य के साथ करनी होती है तैयारी

किसी को यह सोच कर कोचिंग ज्वाइन नहीं कर लेनी चाहिए कि ऐसा करते ही आइएएस बनना पक्का हो जाएगा। कोचिंग आपके सोच को सही दिशा देता है। आपकी नालेज का सही तरीके से उपयोग करना सिखाता है। इसलिए कोचिंग को लेकर भ्रम निकाल दें। सिर्फ किताबें जुटाने और इस बारे में परेशान होने के बजाय सीमित और प्रामाणिक किताबों/संसाधनों से पढ़ें और अपना आकलन करते रहें। यदि आपने अब तक रट कर पढ़ाई की है, तो अब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए उसे फिर से पी जाएं।

कम शब्दों में प्रभावी लेखन

जहां तक मुख्य परीक्षा की बात है, तो इसमें ज्यादातर सवालों को 150 और 250 शब्दों में ही लिखना होता है यानी सात-आठ पंक्तियां। इसलिए लिखने से पहले दो मिनट सोच लें कि मुझे किस तरह सारी बातों को प्रभावी तरीके से लिखना है। अगले छह मिनट ऐसे लिखें कि फिर रुकना न पड़े। इसमें भूमिका भी लिखनी है और व्याख्या भी। भूमिका में अपना प्रभाव छोड़ दें। पूरी बात को इस तरह बताएं, जिससे परीक्षक को पता चल जाए कि आपको उस विषय का गहरा ज्ञान है। हां, सिर्फ किताबी बातें लिखने के बजाय ताजा घटनाओं से जोड़ कर भी दिखाएं। सवाल जिस संदर्भ में पूछा जा रहा है, उसी में उसका जवाब दें। अगर क्रिप्टो के बारे में सामाजिक संदर्भ में सवाल पूछा जा रहा है, तो आपको अर्थव्यवस्था की बात नहीं करनी है। निष्कर्ष में सकारात्मकता का ध्यान रखें। कम शब्दों में मुख्य परीक्षा में प्रश्न का उत्तर लिखने का कारण यह है कि आपसे भावी प्रशासक के रूप में स्मार्ट शार्ट नोट लिखने की अपेक्षा की जाती है, जिससे आपके ऊपर वाले अधिकारी, मंत्री को सारी बातें उस सार रूप में ही समझ में आ जाएं।

आप कितने जागरूक हैं

साक्षात्कार में आपके व्यक्तित्व का परीक्षण होता है। इसके लिए आपको खुद के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए। क्योंकि यदि आप अपनी हाबी के बारे में बता रहे हैं, लेकिन उससे संबंधित दो सवालों के भी सही और संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं, तो ऐसी हाबी के बारे में बोलें ही नहीं। इस बारे में आप पहले से सोच लें। आपको जो नहीं पता, उसके बारे में न बताएं। जिसके बारे में आपको सही जानकारी है, उसी के बारे में बताएं। यूपीएससी आपको अपने सच्चे स्वरूप को सामने रखने की अपेक्षा करती है। आप ईमानदारी के साथ प्रश्नों के जवाब देकर इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों को कहीं अधिक संतुष्ट कर सकते हैं। साक्षात्कार में आपका जुनून दिखना चाहिए। आप लीडर होने जा रहे हैं, तो आपमें लीडरशिप क्वालिटी होनी ही चाहिए। इस रूप में अपने आपको तराशने का प्रयास लगातार करना चाहिए।