Russia Ukraine Crisis: कैथल के 30 छात्रों की दास्‍तान, खारकीव के अंडरग्राउंड मेट्रो स्‍टेशनों में शेल्‍टर, खत्‍म होता राशन

यूक्रेन व रूस के बीच शुरू हुए युद्ध में इस समय खारकी एक ऐसा क्षेत्र हैं। जहां पर इस समय अधिक खतरा है। इस समय यह सबसे अधिक संवेदनशील इलाका माना जा रहा है। इस क्षेत्र में कैथल जिले से 30 से अधिक विद्यार्थी फंसे हैं। बता दें कि पूरे जिले में कुल 100 से अधिक विद्यार्थी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गए हैं। जिले में अभी तक केवल दो विद्यार्थी ही अपने देश वापस लौट पाए हैं। खारकी में रह रहे विद्यार्थियों के अभिभावकों को अब हर पल भय सता रहा है। इन अभिभावकों का कहना है यूक्रेन में बैठे उनके लालों की चिंता में अब उन्हें रातभर नींद भी नहीं आ रही है। क्योंकि वे सबसे अधिक संवेदनशीन इलाके में फंसे है। उन्हें कभी हास्टल तो कभी मेट्रो स्टेशनों के बेसमेंट में छिपकर रातें गुजारनी पड़ती है।

पल पल सता रहा भय

चीका निवासी गुरदेव ने बताया कि उनका बेटा योगेश छह महीने पहले ही एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गया था। वह खारकी के पास स्थित होस्टल में रहता है। पिछले तीन दिन से लगातार हो रहे बम धमाके से लगातार भय सता रहा है। अब उन्हें पल पल डर लगता है। जिस कारण रात के समय नींद भी नहीं आती है। बस अब सरकार जल्द ही उसके बेटे व अन्य विद्यार्थियों को स्वदेश लाने का प्रबंधन करें। जब तक विद्यार्थी अपने स्वदेश वापस नहीं लौटते। उनकी चिंता कम नहीं होगी।

सरकार जल्द यूक्रेन से बाहर निकाले विद्यार्थियों को

गुरदेव ने बताया कि उनकी उनके बेटे से हुई बात में जानकारी मिली है कि जल्द ही सभी विद्यार्थियों को यूक्रेन के बार्डर तक पहुंचा अन्य देशों में भेजा जाएगा। उससे थोड़ी आस जरूर जगी है। सरकार जल्द ही विद्यार्थियों को यूक्रेन से बाहर निकाले। जिससे वे सुरक्षित हो सके।