पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर दिया जोर, कहा- हथियारों की लंबी खरीद प्रक्रिया की चुनौती और भ्रष्टाचार बंद करने के लिए मेक इन इंडिया जरूरी

वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे बदलावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके जरिये ही हमारी रक्षा प्रणाली में विशिष्टता और अनोखापन लाया जा सकता है। इसे सुरक्षा का मूल सिद्धांत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 10 देशों के पास एक ही तरह की रक्षा प्रणाली और उपकरण होंगे तो सेनाओं की अपनी विशिष्टता नहीं होगी। देश में रक्षा उत्पादन की तस्वीर बदलने पर जोर देते हुए पीएम ने कहा कि सुरक्षा के मूल सिद्धांत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है कि रक्षा उपकरणों को देश में ही विकसित किया जाए। विशिष्ट और अनोखी रक्षा प्रणाली में ही दुश्मन को सहसा चौंका देने वाले तत्व होते हैं।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर वेबिनार आयोजित

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए आम बजट में तय रूपरेखा पर अमल को लेकर बुलाए गए वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट देश में ही रक्षा अनुसंधान, डिजाइन और विकास से लेकर उत्पादन का जीवंत इको-सिस्टम विकसित करने का ब्लू प्रिंट है। इसीलिए रक्षा बजट के लगभग 70 फीसदी हिस्से को केवल स्वदेशी रक्षा उद्योग के लिए रखा गया है। रक्षा मंत्रालय ने अब तक 200 से अधिक रक्षा उपकरणों की सूची जारी की है, जिन्हें अब विदेश से नहीं खरीदा जाएगा। स्वदेशी कंपनियों से रक्षा खरीद के लिए 54 हजार करोड़ रुपये के अनुबंध हो चुके हैं। करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक के उपकरणों की खरीद विभिन्न चरणों में होगी।

हथियार खरीदी की प्रक्रिया लंबी होने के नुकसान

विदेश से हथियार खरीदने की लंबी प्रक्रिया से होने वाले नुकसान को रेखांकित करते हुए मोदी ने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को ही इसका समाधान करार दिया। बताया जा रहा है कि हथियार खरीद की प्रक्रिया इतनी लंबी होती है कि जब तक वह आता है, तब तक पुराना पड़ जाता है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व को समझते हुए अहम निर्णय लेने की सेनाओं की पहल की मोदी ने प्रशंसा की। कहा कि हथियार व उपकरण हासिल करने में जवानों के गौरव और उनकी भावना को ध्यान में रखने की जरूरत है। यह तभी संभव होगा, जब हम इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनेंगे।

साइबर सुरक्षा राष्ट्र की सुरक्षा का विषय

साइबर सुरक्षा की बढ़ती चुनौती पर प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब सिर्फ डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का विषय बन चुका है। अपनी अदम्य आइटी शक्ति को हम अपने रक्षा क्षेत्र में जितना ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, सुरक्षा को लेकर उतने ही ज्यादा आश्वस्त होंगे। विदेश से रक्षा खरीद टेंडर में रक्षा निर्माताओं के बीच होड़ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जो सामान खरीदा जाता था, उसमें अक्सर तरह-तरह के आरोप लगते थे। कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा से आशंकाएं भी पैदा होती हैं और भ्रष्टाचार के दरवाजे भी खुलते हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान से हमें इस तरह की अनेक समस्याओं का समाधान मिलेगा।

पीएम ने की आर्डनेंस फैक्टि्रयों की सराहना

प्रधानमंत्री ने इस दिशा में आर्डनेंस फैक्टि्रयों की सराहना करते हुए कहा कि हमने पिछले पांच-छह वर्षो में रक्षा निर्यात छह गुना बढ़ाया है। 75 से अधिक देशों को मेक इन इंडिया रक्षा उपकरण और सेवा प्रदान की जा रही है।रक्षा निर्माण के लिए 350 से भी अधिक नए औद्योगिक लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। बजटीय प्रविधानों को समयबद्ध तरीके से कार्यान्वित करने के लिए पीएम ने नए विचारों के साथ सभी संबंधित पक्षों से आगे आने का आग्रह किया।

बजट खर्च पर निगरानी के लिए पैनल गठित करेगा रक्षा मंत्रालय

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि रक्षा मंत्रालय अपने बजट खर्च की निगरानी के लिए एक पैनल बनाएगा। इसमें तीनों सेनाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि बजट का सही तरीके से उपयोग किया जा सके। उन्होंने एक वेबिनार के दौरान कहा कि इस बार बजट में आयात को कम करने और सशस्त्र बलों को स्वदेशी तकनीक से आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता पर और बल दिया गया है।