India on Russia Ukraine War: यूक्रेन संकट पर परीक्षा की घड़ी, आखिर UNGA की बैठक में किसका पक्ष लेगा भारत? एक्‍सपर्ट व्‍यू

Russia Ukraine War News: रूस और यूक्रेन जंग के बीच संयुक्‍त राष्‍ट्र की आम सभा की बैठक सोमवार को हो रही है। सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद यह संयुक्‍त राष्‍ट्र की ओर से जंग को रोकने की अहम पहल है। पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है। दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। इसमें सबकी नजर भारत, चीन और यूएई पर टिकी है। इसकी बड़ी वजह यह है कि सुरक्षा परिषद में इन तीन मुल्‍कों ने मतदान में हिस्‍सा नहीं लिया था। ऐसे में एक बार फ‍िर सबकी नजरें भारत पर टिकी है। उधर, यूक्रेनी राष्‍ट्रपति और भारत में यूक्रेनी राजदूत ने युद्ध विराम में सहयोग की अपील की है। अब यह देखना दिलचस्‍प होगा कि संयुक्‍त राष्‍ट्र आम सभा में भारत का क्‍या स्‍टैंड होता है।

1- प्रो हर्ष वी पंत का कहना है कि भारतीय विदेश नीति के लिए यह एक मुश्किल की घड़ी है। भारत के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। उन्‍होंने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर अपना रुख निर्धारित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारत दुनिया में किसी भी हाल में युद्ध के खिलाफ है। वह शांति का पुजारी है। किसी भी समस्‍या के समाधान के लिए भारत द्व‍िपक्षीय वार्ता का पक्षधर है। दूसरी और इस युद्ध में उसके सबसे पुराने दोस्‍त के खिलाफ प्रस्‍ताव लाया जा रहा है। ऐसे में वह किस नीति पर कायम रहे यह फैसला लेना एक कठिन काम है।

2- संयुक्‍त राष्‍ट्र आम सभा की इस बैठक के पूर्व यूरोपीय देशों ने रूस के खिलाफ अपने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। जर्मनी के विदेश मंत्री का भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से वार्ता को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। जर्मन विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दुनिया भर से रूस को लेकर एक आवाज आनी चाहिए, क्योंकि राष्ट्रपति पुतिन हमलावर हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ा है। उन्‍होंने कहा कि रूस ने यूरोप की शांति भंग की है।