Russia and Ukraine War: आखिर यूक्रेन से कितना ताकतवर है रूस, पुतिन के पास कितने परमाणु बम, क्‍या अमेरिका दे सकता है चुनौती?- एक्‍सपर्ट व्‍यू

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध को लेकर बेलारूस से राहत देने वाली खबर आई है। दोनों देश युद्धविराम को लेकर कुछ बिंदुओं पर राजी हुए है। इसके बावजूद रूस ने एटम बमों से लैस मिसाइलों को हमले के लिए तैयार रखने का आदेश दे दिया। परमाणु हमले से संबंधित यूनिट के कर्मियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं और उन्हें पूरे 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया है। उधर, अमेरिका ने भी रूस के जवाब में अपने परमाणु हथियारों को संभालने वाली यूनिट को हाई अलर्ट कर दिया है। अमेरिका ने मास्को के अपने दूतावास से अतिरिक्त कर्मियों और परिवारों को वापस भेजने के लिए कहा है। साथ ही बेलारूस का दूतावास बंद कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि दुनिया में किस देश के पास कितने परमाणु हथियार हैं। क्‍या होते हैं परमाणु हथियार। क्‍या परमाणु हथ‍ियारों का इस्‍तेमाल हुआ है।

1- प्रो हर्ष वी पंत का कहना है कि शीत युद्ध की समाप्ति के बाद परमाणु हथियारों के भंडार में बहुत कमी आई है। उन्‍होंने कहा कि मगर अभी भी दुनिया में सैकड़ों परमाणु हथियार हैं। यह बेहद शक्तिशाली विस्फोटक या बम हैं। इन हथ‍ियारों को बहुत कम समय के भीतर दागा जा सकता है। परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से बड़ी मात्रा में रेडिएशन या विकिरण निलकता है। इनका असर धमाके बाद बहुत लंबे समय तक रहता है। परमाणु हथ‍ियारों के निर्माण के बाद अब तक केवल दो बार ही परमाणु बम का प्रयोग किया गया है। इससे भयंकर नुकसान हुआ है। 77 वर्ष पूर्व अमेरिका ने परमाणु बम का इस्‍तेमाल किया था। अमेरिका ने जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे। ऐसा माना जाता है कि हिरोशिमा में करीब अस्‍सी हजार और नागासाकी में सत्‍तर हजार से ज्‍यादा नागरिकों की मौत हो गई थी।

2- दुनिया में अभी तक नौ देशों के पास परमाणु हथ‍ियार हैं। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, भारत, पाकिस्‍तान, चीन, इजरायल और उत्‍तर कोरिया है। हालांकि परमाणु हथियारों के बारे में कोई भी देश खुलकर नहीं बताता। थिंक टैक स्टाकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट ने पिछले वर्ष अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि 2020 में नौ देशों के पास लगभग 13,400 परमाणु हथियार थे, जिनमें से 3,720 उनकी सेनाओं के पास तैनात थे। इस संस्‍था के मुताबिक 1800 परमाणु बम हाई अलर्ट पर रहते हैं। इसका मतलब है कि उन्‍हें कम समय के भीतर इस्‍तेमाल में लाया जा सकता है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2021 तक भारत के पास 150 परमाणु हथियार थे। पाकिस्तान के पास 160 और चीन के पास 320 परमाणु हथियार थे।

3- सैन्य बल में यूक्रेन की रूस से कोई तुलना नहीं है। रूस की सेना विश्व में दूसरी सबसे ताकतवर सेना है वहीं, यूक्रेन का नंबर 22वें पायदान पर है। क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा देश रूस एक मान्यता प्राप्त परमाणु-हथियार राज्य है। रूस के पास दुनिया के परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है और रूसी सेना विश्व की दूसरी सबसे शक्तिशाली सेना है। इस पर चौथा सबसे बड़ा सैन्य खर्च किया जाता है। रूस की सेना में करीब 10 लाख सक्रिय-सैन्‍य कर्मी हैं और कम से कम 20 लाख रिजर्व सैन्‍य कर्मी हैं। यह विश्व की पंचवी सबसे बड़ी सेना है। 18-27 आयु वर्ग के सभी पुरुष नागरिकों के लिए सशस्त्र बलों में एक वर्ष की सेवा देना अनिवार्य है।

4- रूस के पास परमाणु हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है। इसके पास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों का दूसरा सबसे बड़ा बेड़ा है और सबसे शक्तिशाली वायु सेना और नौसेना का बेड़ा है। रूस दुनिया में चौथा नंबर पर सबसे अधिक सैन्य खर्च करता है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार रूस की सेना में आधुनिक हथियारों की हिस्सेदारी 71.2 फीसद है। रूस के पास 12,950 टैंक हैं जो यूएस की टैंको की संख्या का दो गुना है। रूस में 900,000 एक्टिव मिलिट्री है और जबकि 4,100 से अधिक एयरक्राफ्ट हैं।

5- यूक्रेन के सशस्त्र बलों की संख्या 250,000 है। इसमें एक्टिव कर्मियों की संख्या 245,000 है। यूक्रेन के पास 225 एयरक्राफ्ट हैं और 2,430 टैंक हैं। यह रूस के मुकाबले बेहद कम हैं। यूक्रेन ने 2020 में सेना पर छह बिलियन डालर खर्च किया जो रूस के मुकाबले 10 गुना कम है। 18-49 वर्ष के लोग यूक्रेनी सेना में अपना योगदान दे सकते हैं। यूक्रेन के सशस्त्र बल ग्राउंड फोर्स, नौसेना, वायु सेना और एयरमोबाइल बल को संयुक्‍त करके बनते हैं। यूक्रेन के नौसैनिक बलों ने अपने स्तर पर छोटे नौसेना इन्फैंट्री बल के साथ-साथ नौसेना एविएशन बल को बनाया हुआ है।