दुष्यंत चौटला के कैप्टन पर सीएम मनोहर लाल की निगाह, सक्रियता से अभय चौटाला की बढ़ी बेचैनी

हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के प्रमुख सूत्रधार कैप्टन मीनू बैनीवाल की इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला के ऐलनाबाद हलके में बढ़ती सक्रियता का मुद्दा विधानसभा में जोरदार ढंग से उठा। इनेलो से अलग हुई जजपा का जनाधार बढ़ाने और भाजपा के साथ गठबंधन कराने में कैप्टन की अहम भूमिका रही है। भविष्य की राजनीति के हिसाब से कैप्टन ऐलनाबाद से भाजपा व जजपा गठबंधन के मजबूत दावेदार हो सकते हैं।

फिलहाल भाजपा उन पर डोरे डालने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। प्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट कहा कि कैप्टन मीनू बैनीवाल ने अपने निजी प्रयासों व आर्थिक सहयोग से ऐलनाबाद के दस स्वास्थ्य केंद्रों की दशा बदली है।

मीनू बैनीवाल को जजपा अध्यक्ष डा. अजय सिंह चौटाला और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का बेहद नजदीकी माना जाता है। जजपा महासचिव दिग्विजय चौटाला से उनके रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं बताए जाते। इनेलो से अलग होने के बाद जजपा को नए राजनीतिक मुकाम पर पहुंचाने में कैप्टन की अहम भूमिका रही है।भाजपा के साथ जजपा की नजदीकियां बढ़ाते-बढ़ाते कैप्टन भाजपा नेताओं के इतने करीब आ गए कि अब यह भेद कर पाना मुश्किल हो रहा कि वह दुष्यंत के थिंक टैंक हैं या फिर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के करीबी बन गए हैं।

अभय चौटाला ने सदन में पूछे सवाल, सरकार ने कहा कैप्टन ने 10 स्वास्थ्य केंद्रों में प्रदान की मेडिकल सुविधाएं

भाजपा भी कैप्टन को उनके राजनीतिक कद के हिसाब से अहमियत देने लगी है। कैप्टन का कोई काम अफसर नहीं रोकते। संघ की गतिविधियों में भी उनकी सक्रियता बढ़ती जा रही है। कैप्टन मीनू बैनीवाल की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में अच्छी पकड़ बन गई। हाल ही में उनके बेटे अभिनव बैनीवाल प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद स्कालरशिप पर अपनी पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया गए हैं। कैप्टन को ऐलनाबाद उपचुनाव में ही गठबंधन का प्रत्याशी बनाया जाने वाला था, लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की गोबिंद कांडा से कमिटमेंट के कारण मीनू मैदान में नहीं उतारे जा सके।

अब वह अगले चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं। देखने वाली बात यह होगी कि कैप्टन भाजपा या जजपाके उम्मीदवार होंगे अथवा गठबंधन मिलकर उन्हें चुनाव मैदान में उतारेगा। मीनू की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए विधानसभा में इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या सरकारी अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किसी निजी संस्था, व्यक्ति अथवा समूह की कोई सहायता ली गई है।

अभय सिंह के इस सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की ओर से जवाब दिया गया कि ऐलनाबाद हलके के 10 सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूरत अपने निजी फंड से मीनू बैनीवाल ने बदली है। इनमें अन्य समाजसेवियों का भी योगदान रहा है।

इन स्वास्थ्य केंद्रों में कैप्टन ने सभी प्रकार के उपकरणों के अलावा लिनन सामग्री, उपभोग्य एवं अस्पताल फर्नीचर मुहैया करवाया है। इनमें आधुनिक बेड, व्हील चेयर, स्ट्रेचर के अलावा डाक्टरों के लिए टेबल-चेयर, विजिटर चेयर व अलमारियां शामिल हैं। कैप्टन ने हलके में स्वच्छता अभियान भी चलाया है और युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए सामाजिक व खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।

हरियाणा सरकार की ओर से सदन में बताया गया कि कैप्टन ने ऐलनाबाद, माधो सिंघाना, नाथूसरी चौपटा, रंधावा, दड़बा कलां, जमाल, मालेखां, गुड़ियाखेड़ा, ढुकड़ा व जमाल गांवों में मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए हैं। अभय चौटाला ने डी-प्लान के तहत 2021-22 और इस साल 28 फरवरी तक हलके में हुए विकास कार्यों व पैसों की भी जानकारी भी सदन में मांगी है।

इसके जवाब में सीएम मनोहर लाल ने सदन में बताया कि इस अवधि में हलके में 6 करोड़ 66 लाख 88 हजार 300 रुपये खर्च हुए हैं। हलके के गांवों में इस पैसे से बनाई गई सड़कों, खेल मैदान, जलापूर्ति, पानी निकासी, नालों की मरम्मत व निर्माण कार्यों का ब्योरा भी सीएम ने सदन में रखा है।