Corona Vaccination for Children: 12-14 साल के बच्चों को भी 16 मार्च से लगने जा रही है कोरोना वैक्सीन

Corona Vaccination for Children: भारत में अब 15 साल से छोटे बच्चों का भी कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने जा रहा है। सेंट्रल हेल्थ मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 16 मार्च से 12, 13 और 14 साल के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। इस उम्र कैटेगरी के बच्चों की अनुमानित संख्या 7.5 करोड़ के आसपास है। देश में 3 जनवरी से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ था। पहले चरण में 15 से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन हो रहा है। हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, जिन बच्चों का जन्म 2008, 2009 और 2010 में हुआ है, वो भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। हेल्थ मिनिस्टर ने सभी पेरेंट्स से बच्चों का वैक्सीनेशन करवाने की अपील की है।

कौन सी वैक्सीन लगेगी?

केंद्र सरकार के अनुसार, 12 से 14 साल की एज कैटेगरी के बच्चों को कोर्बीवैक्स वैक्सीन लगेगी। जिसे हैदराबाद स्थित फार्मा कंपनी बायोलॉजिकल ई ने बनाया है। इस वैक्सीन को पिछले महीने ही 12 से 18 साल के बच्चों पर इस्तेमाल की मंजूरी मिली है। कोर्बीवैक्स एक रिकॉम्बिनेंट प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है। यह कोरोना वायरस की सतह पर पाए जाने वाले प्रोटीन से बनी है। यह स्पाइक प्रोटीन ही वायरस को शरीर की कोशिकाओं में घुसने में मदद करता है। इसके बाद वायरस तादाद बढ़ाकर शरीर में संक्रमण फैलाना शुरू करता है।

कैसे लगेगी ये वैक्सीन?

ठीक उसी तरह जैसे अभी भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड लगाई जा रही है। ये भी इंटरमस्कुलर वैक्सीन है, जिसे इंजेक्शन द्वारा शरीर में डाला जाएगा। इसे वैक्सीन की दो डोज में 28 दिनों का अंतर रहेगा। इसे बनाने में कम लागत वाले तरीकों का इस्तेमाल हुआ है जिसकी वजह से यह सबसे सस्ती वैक्सीन्स में से एक है।

कितनी सेफ है ये वैक्सीन?

पिछले साल सितंबर में बायोलॉजिकल ई को अपनी वैक्सीन का ट्रायल 5 से 18 साल के बच्चों पर करने की अनुमति मिली थी। इस एज कैटेगरी के 3 हजार बच्चों में हुए फेज 2 और 3 के क्लीनिकल ट्रायल में ये वैक्सीन सुरक्षित और असरदार साबित हुई है। दावा है कि 90 परसेंट तक इम्युनिटी प्रदान करती है।