Haryana Budget 2022: सीएम मनोहरलाल ने कहा – यह कर्ज नहीं बल्कि हमारे फर्ज का बजट है

Haryana Budget 2022: हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पेश किए गए साल 2022-23 के बजट पर लंबी चर्चा और बहस के बाद उसे पारित कर दिया गया। 72 विधायकों की आठ स्टैंडिंग कमेटियों की करीब एक दर्जन सिफारिशों व सुझाव को बजट में शामिल किया गया है। हालांकि बजट की कुल धनराशि में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।

इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच कई बार तकरार, हंसी-ठिठोली, शेरो-शायरी और चुटकुलेबाजी हुई। लाल ने कहा कि लोग अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की बात करते हैं, लेकिन हम अपनी शुरुआत ही अंतिम व्यक्ति से कर रहे हैं। यह कर्ज का नहीं बल्कि हमारे फर्ज का बजट। हम अपनी सीमाओं में रहकर प्रदेश के लोगों का भला करेंगे।

बजट पास करने के दौरान मनोहर-हुड्डा में हुई तकरार और हंसी-ठिठोली

बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आठ मार्च को एक लाख 77 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया था। लोकसभा की तर्ज पर पहली बार विधायकों की स्टैंडिंग कमेटियों ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने चर्चा का उत्तर देते हुए प्रत्येक उस विधायक का नाम लिया, जिसने सुझाव दिया तथा उससे स्वीकार करने या खारिज करने की वजह भी बताई। उन्होंने बजट न बढ़ाने के पीछे यह कहते हुए दलील दी, कबीर कुआं एक है, पानी भरे अनेक, बर्तन में ही भेद है, पानी सब में एक।

नई पेंशन नीति के तहत ही कर्मचारियों को पेंशन मिलेगी

मुख्यमंत्री ने दो टूक कह दिया कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन नीति लागू नहीं होगी और नई पेंशन नीति के अनुसार ही पेंशन मिलेगी। सरकार ने एनपीएस में अपना हिस्सा 10 की बजाय 14 फीसदी किया है। उन्होंने सामाजिक कल्याण पेंशन पर कहा कि विपक्ष गलत आंकड़े पेश करता है। 2.70 लाख लोगों की पेंशन घटी जरूर है, लेकिन इनमें 2.41 लाख लोग मर चुके हैं। उनकी पेंशन तो बंद होगी ही।

विधायकों की स्टैंडिंग कमेटियों के एक दर्जन सुझाव बजट में शामिल

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा, क्या खूब मजबूरी है गमलों में लगे पौधों की, हरा भी रहना है और बढ़ना भी नहीं है। उन्होंने सदन को बताया कि बजट तैयार करते समय साढ़े पांच सौ लोगों व जनप्रतिनिधियों से परामर्श किया गया। इस बार के बजट की दिशा सुशासन और अंत्योदय पर आधारित है।

उन्‍होंने कहा कि एसवाईएल नहर निर्माण के लिए सौ करोड़ के बजट को कम बताया गया है। हम यह भरोसा दिलाते हैं कि इसके लिए जितना पैसा खर्च होगा, हम करेंगे। लाल ने विपक्ष द्वारा अधिक कर्ज लेने के सवाल का आंकड़ों के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमने पूंजीगत खर्च बढ़ाया है और राजस्व खर्च में कमी ला रहे हैं। हमने कर्ज लेने की सीमा को भी पार नहीं किया है। सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये का लोन लिया है, जो कि निर्धारित पैरामीटर से बहुत नीचे है।

एससी-बीसी के कल्याण के लिए 22 प्रतिशत अतिरिक्त बजट

मनोहर लाल ने कहा कि एससी-बीसी वर्ग के कल्याण के लिए बजट में साढ़े 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सबके लिए आवास योजना में 104 प्रतिशत बजट की बढ़ोतरी हुई है। परिवार पहचान पत्रों से सारी योजनाओं को जोड़ा जाएगा और साथ ही इन योजनाओं की जानकारी लोगों को व्यक्तिगत रूप से भी देंगे। जो जिसका अधिकार है, वह उसको हर हाल में मिलेगा। हम आने वाली पीढ़ी को संभालना चाहते हैं।

आइएमटी, माडल स्कूल और टेबलेट की सौगात, एम्स की जमीन तय

मुख्यमंत्री मनोहर लाल  ने सदन में कहा कि राज्य में पांच सौ संस्कृति माडल स्कूल खोलने का प्रस्ताव है। इस साल हमने 134-ए को खत्म कर दिया है। आरटीई को हम अडाप्ट करेंगे। सभी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिले देने होंगे। टेबलेट के आर्डर दे दिए हैं।

उन्‍होंने कहा कि अप्रैल से दसवीं से बारहवीं तक के बच्चों को पांच लाख टेबलेट दिए जाएंगे। मेवात में शिक्षकों की भर्ती के लिए अलग से कैडर बना दिया गया है। शिक्षकों की कमी को जल्द पूरा किया जाएगा। जितनी स्वीकृत पोस्ट हैं, उतने शिक्षकों की हमें जरूरत नहीं है। एक-तीस के अनुपात को भर्ती को लागू करेंगे।

मनोहर लाल ने कहा कि दादरी में डाइट खोल दिया जाएगा। रूफ सोलर सिस्टम सभी स्कूलों में लगेंगे। एम्स बनाने का काम केंद्र का है। 260 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है। जल्द ही हम केंद्र सरकार को यह जमीन सौंप देंगे। लाल ने कहा कि कुछ आंगनबाड़ी को प्ले वे स्कूलों में बदला है। महेंद्रगढ़ के खुडाना में आइएमटी बनाने की हमारी योजना है।