चंडीगढ़ के मुद्दे पर भी राहुल का एकता मंत्र भूले हुड्डा और सैलजा, अलग-अलग दिखाई ताकत

पिछले माह राहुल गांधी से एकजुट होने का मंत्र लेकर लौटे हरियाणा के कांग्रेस नेता राजधानी चंडीगढ़ पर पंजाब की दावेदारी का मिलकर भी विरोध नहीं कर सके। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली में कांग्रेस विधायक दल की बैठक कर जहां इस गुटबाजी को बढ़ा दिया, वहीं प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में बैठक कर हुड्डा से अलग चलने का संकेत दे दिया। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल अपने तमाम प्रयासों के बावजूद चंडीगढ़ पर हरियाणा के दावे को मजबूती से पेश करने के लिए हुड्डा और सैलजा को एक मंच पर लाने में कामयाब नहीं हो सके।

विवेक बंसल खुद चंडीगढ़ में रहे और कुमारी सैलजा द्वारा बुलाई गई बैठक में भागीदारी की। बाद में उन्होंने सफाई दी कि सभी कांग्रेस नेता एकजुट हैं। कांग्रेस ने ही यह रणनीति बनाई थी कि दिल्ली और चंडीगढ़ दोनों जगहों पर रहकर अपनी बात कहनी चाहिए। लोकसभा चल रही है। इसी रणनीति के तहत हुड्डा ने दिल्ली तो सैलजा ने चंडीगढ़ में बैठक की है।

उन्‍होंने कहा कि पूरा कांग्रेस विधायक दल हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में पंजाब विधानसभा में चंडीगढ़ को लेकर पारित प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध करेगा और साथ ही एसवाईएल नहर निर्माण के लिए केंद्र, हरियाणा व पंजाब सरकारों पर दबाव बनाएगा।

कांग्रेस के 31 विधायक हैं। दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हुड्डा द्वारा बुलाई गई बैठक में 26 विधायक पहुंचे। किरण चौधरी किसी बैठक में नहीं गई। चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में सैलजा द्वारा बुलाई गई बैठक में चार विधायक शमशेर ¨सह गोगी, रेणुबाला, शैली गुर्जर और शीशपाल केहरवाला ने भागीदारी की। हालांकि चेहरा दिखाने के लिए विधायक अमित सिहाग, बिशनलाल सैनी व वरुण चौधरी भी सैलजा की बैठक में पहुंचे, लेकिन दस मिनट बाद ही वह हुड्डा की बैठक में शामिल होने निकल गए। सैलजा की बैठक सुबह के समय थी और हुड्डा की बैठक शाम के वक्त रखी गई थी।

सैलजा की बैठक में शामिल हुए कांग्रेस ओबीसी सेल के संयोजक कैप्टन अजय यादव ने कहा कि संगठन से बड़ा कोई नहीं हो सकता। हम सबकी नेता सोनिया गांधी हैं। कांग्रेसियों को समझना चाहिये कि उनके सामने चुनौती आम आदमी पार्टी नहीं बल्कि भाजपा ही है। उन्होंने याद कराया कि यदि 2019 में टिकटों का बंटवारा सही ढंग से हो गया होता तो हमारी सरकार बनती।

हुड्डा की बैठक में शामिल सांसद दीपेंद्र सिंह हुडृडा ने कहा कि हम दिल्ली और चंडीगढ़ में सदन से लेकर सड़क तक हरियाणआ के हितों की लड़ाई लड़ेंगे। कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल ने राज्य के कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी पर यह कहकर सफाई दी कि सब अपने-अपने ढंग से पार्टी व जनता के हित में काम कर रहे हैं। आठ साल से संगठन के बिना चल रही कांग्रेस से जुड़े सवाल पर बंसल ने कहा कि जल्दी इस समस्या का समाधान हो जाएगा।

कुमारी सैलजा द्वारा चंडीगढ़ में बुलाई गई बैठक में पार्टी प्रभारी विवेक बंसल, कैप्टन अजय यादव, धर्मपाल मलिक और चारों विधायक पूरे समय मौजूद रहे। कैप्टन के बेटे चिरंजीव राव हुड्डा की बैठक में थे। आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कम ही पहुंचते हैं, लेकिन उन्होंने हुड्डा की बैठक में दिल्ली भागीदारी की।

हुड्डा समर्थक विधायकों में डा. रघुवीर कादियान, गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, आफताब अहमद, बीबी बतरा, नीरज शर्मा, वरुण चौधरी, मोहम्मद इलियास, अमित सिहाग, राजेंद्र जून, धर्म सिंह छोक्कर, सुरेंद्र पवार, मामन खान, जगबीर मलिक, इंदुराज नरवाल, कुलदीप वत्स, राव दान ¨सह, जयवीर वाल्मीकि, सुभाष गांगोली, चिरंजीव राव, बिशनलाल सैनी, मेवा ¨सह और बलबीर सिंह वाल्मीकि ने दिल्ली बैठक में भागीदारी की।

पंजाब की आप सरकार के फैसले के विरोध में कांग्रेस ने 11 से 13 अप्रैल तक सभी जिलों में प्रेस कान्फ्रेंस करने का निर्णय लिया है। कुमारी सैलजा ने मीडिया में कहा कि सात अप्रैल को महंगाई के खिलाफ कांग्रेस चंडीगढ़ में प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने प्रदेश में ‘पैदल यात्रा’ करने का भी निर्णय लिया है। इसका शेड्यूल जल्द जारी होगा।

बता दें कि हुड्डा विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में हुड्डा समर्थक विधायकों के भी भाग लेने की बात विवेक बंसल ने कही है। बंसल ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह पंजाब और हरियाणा को लेकर अपना स्टैंड स्पष्ट करें।

उन्‍होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हरियाणा में चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में केजरीवाल राज्य के लोगों को बताएं कि पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा चंडीगढ़ को लेकर पास किए प्रस्ताव के वे समर्थन में हैं या खिलाफ हैं। हुड्डा ने दिल्ली में कहा कि हम हिंदी भाषी क्षेत्र और बीबीएमबी में भी अपना हिस्सा लेकर रहेंगे।