हरियाणा के मुख्यमंत्री की चार गाड़ियों के वीवीआइपी नंबरों 0001 की होगी नीलामी, पुरानी सरकारी गाडियां भी बिकेंगी

VIP Vehicle Numbers Aution: यदि आप भी वाहनों के वीआइपी या खास नंबरों के शौकीन हैं तो हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल की चार वीआइपी वाहन नंबर हासिल कर सकते हैं।  मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीआइपी कल्चर से खुद को अलग कर अपनी चार गाड़ियों को वीवीआइपी नंबर छोड़ दिए हैं। मुख्यमंत्री की इन चारों गाड़ियों के नंबर 0001 सीरिज के हैं।

मनोहर लाल ने अपनी गाड़ियों के 0001 सीरिज के नंबर छोड़े

अब मुख्‍यमंत्री के  इन चारों वीआइपी वाहन नंबरों की नीलामी होगी। राज्य का कोई भी व्यक्ति अधिक से अधिक बोली लगाकर इन वीआइपी नंबरों को खरीद सकता है। इन नंबरों की नीलामी से मिलने वाली राशि को राज्य सरकार के खजाने में जमा कराया जाएगा।

पुरानी सरकारी गाड़ियों के नंबर नीलम होने से मिलेंगे 18 करोड़

इसके साथ ही  ई- आक्शन के माध्यम से पुरानी सरकारी गाड़ियों के नंबर भी नीलाम किए जाएंगे, जिनसे लगभग 18 करोड़ रूपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। हरियाणा मंत्रिमंडल की मंगलवार शाम को हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी चारों गाड़ियों के वीवीआइपी नंबर छोड़ने की जानकारी दी।

गाड़ियों के पंजीकरण के लिए सभी नंबर आनलाइन बोली से मिलेंगे

मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला हुआ है कि गाड़ियों के पंजीकरण के लिए सभी नंबर आनलाइन व्यवस्था के तहत बोली लगाकर लिए जा सकेंगे। साथ ही अपनी गाड़ियों के नंबर छोड़कर मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी एक संदेश दिया है। हालांकि वीआइपी कल्चर के पोषक मंत्रियों, सांसदों और कुछ विधायकों को मुख्यमंत्री के इस फैसले से परेशानी हो सकती है।

न्यायपालिका के आदेश के बाद राज्य सरकार ने सभी वीवीआइपी की गाड़ियों से लाल बत्तियां उतरवा दी थी, लेकिन विधायकों ने बीच का रास्ता निकालते हुए स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता पर विशेष झंडी की व्यवस्था कराने का दबाव बनाया।

विधायकों की दलील थी कि उन्हें टोल टैक्स तथा भीड़ वाले इलाकों में गुजरने पर दिक्कत होती है, जिसके बाद स्पीकर ने एमएलए लिखी हुई झंडी बनवा दी। इसके बाद विधायकों को अपने वीआइपी होने का अहसास हुआ। बता दें कि मुख्यमंत्री पहले भी प्लाट, सीएलयू और अन्य सुविधाएं प्रदान करने में अपना स्वैच्छिक कोटा खत्म कर चुके हैं।

मुख्य सचिव संजीव कौशल ने भी छोड़ा अपनी गाड़ी का नंबर

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा राज्य के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने भी अपनी गाड़ी का वीआइपी नंबर जनता के लिए छोड़ने की घोषणा की। वीवीआइपी नंबर रखने के शौकीन जनता के लिए 179 सरकारी गड़ियों के नंबर ई-आक्शन से मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी सरकारी गाड़ियों के नंबर के लिए एचआर-जीओवी नाम से एक नई सीरीज़ शुरू की जाए ताकि सरकारी गाड़ियों की पहचान अलग से हो सके।