ZEEL में अपनी हिस्‍सेदारी बेचेगी Invesco, जानिए क्‍या है बड़ा कारण

Investment firm Invesco एंटरटेनमेंट कंपनी ZEEL (Zee Entertainment Enterprises Ltd) में अपनी हिस्‍सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने कहा है कि उसकी इन्‍वेस्‍टमेंट टीम ने 7.8 फीसद हिस्‍सेदारी बेचने की सलाह दी है ताकि फंड के एक्‍सपोजर को एलाइन किया जा सके। बता दें कि ZEEL में इन्‍वेस्‍को अकेली सबसे बड़ी शेयरधारक है। हिस्‍सेदारी बेचने के बाद ZEEL में इन्‍वेस्‍टमेंट कंपनी की हिस्‍सेदारी 11 फीसद रहने का अनुमान है।

इस खबर से Zee एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार सुबह कारोबार में 3 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। एक दिन पहले इंवेस्को फंड्स ने कंपनी में 7.8 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया था।बीएसई पर शेयर 3.38 फीसदी की गिरावट के साथ 281.10 रुपये पर आ गया था। एनएसई में यह 2.50 फीसदी की गिरावट के साथ 283.60 रुपये पर आ गया था।

Invesco ने एक बयान में कहा कि उसकी इन्‍वेस्‍टमेंट टीम को लगता है कि Sony के साथ उसकी डील से ZEEL के शेयरधारकों को ज्‍यादा फायदा होगा। Invesco की इन्‍वेस्‍टमेंट टीम तीन फंडों का प्रबंधन संभालती है। टीम ने बुधवार को बुक बिल्‍ड ट्रांजैक्‍शन (Book Building Transaction) लॉन्‍च किया है ताकि शेयरों की बिक्री की जा सके। इसके तहत संस्‍थागत निवेशक मसलन फंड मैनेजर को हिस्‍सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाने के लिए बुलाया जाता है।

Invesco ने कहा कि इस सौदे का मकसद ZEEL में फंड के एक्‍सपोजर को एलाइन करना है, जिसका प्रबंधन इन्‍वेस्‍टमेंट टीम के पास है। हिस्‍सेदारी बेचने से कंपनी में Invesco की स्थिति Ownership के मामले में बेहतर हो जाएगी। बीते महीने Invesco ने कहा था कि वह Zee-Sony के मर्जर की डील को सपोर्ट करती है और ZEEL की EGM बुलाने की मांग नहीं दोहराएगी। Invesco चाह रही थी कि EGM बुलाकर ZEEL के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका व दो स्‍वतंत्र निदेशकों को हटा दिया जाए। हालांकि अब Invesco ने हिस्‍सेदारी बेचने की बात के साथ यह भी कहा है कि वह नई EGM बुलाने का अधिकार रखती है।

बीते साल दिसंबर में Sony Pictures और ZEEL ने मिलकर मर्जर का एग्रीमेंट साइन किया था। इस एग्रीमेंट के तहत ZEEL का सोनी में विलय होना तय हुआ था और इसके लिए समय सीमा तय की गई थी। उस समय Invesco और OFI Global China Fund LLC की साथ मिलकर ZEEL में 17.9 फीसद हिस्‍सेदारी थी। उन दोनों ने सोनी के साथ विलय का विरोध किया था।