Post Covid Health Issues: कोविड से रिकवरी के बाद भी ये 3 बीमारियां ले सकती हैं जान, क्या आप जानते हैं इनके बारे में!

Post Covid Health Issues: कोविड संक्रमण से रिकवरी के बाद भी ज़िंदगी पहले जैसी नहीं चलती बल्कि इसके बाद भी कई तरह के हेल्थ इशूज़ का ख़तरा रहता है। कई लोग पोस्ट कोविड समस्याओं जैसे हार्ट फेलियर, रेसपीरेटरी फेलियर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक से लेकर किडनी से जुड़ी बीमारियों से घिर जाते हैं। इनमें से कई बीमारियां जानलेवा साबित हो सकती हैं, इसलिए इनके बारे में जानना और सतर्क रहना ज़रूरी है।

तो आइए जानें कोविड के बाद होने वाली बीमारियों के बारे में जो आपकी जान भी ले सकती हैं।

रेस्पीरेटरी फेलियर

सांस से जुड़ी दिक्कतें कोविड संक्रमण के बाद आम हैं, क्योंकि यह वायरस फेफड़ों को ही प्रभावित करता है। अगर कोविड नेगेटिव आने के बावजूद भी आप सांस से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, तो फैरन जांच कराएं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे कई लोग हैं जो कोविड संक्रमण से ठीक होने के बाद भी जानलेवा हेल्द इशूज़ से गुज़रते हैं। जिसमें एक्यूट रेस्पीरेटरी फेलियर भी शामिल है, जहां फेफड़े रक्त में पर्याप्त ऑक्सीजन पंप करने में असमर्थ होते हैं या पर्याप्त कार्बन डाइऑक्साइड बाहर नहीं निकाल पाते हैं। निमोनिया भी एक घातक बीमारी है, क्योंकि फेफड़ों में हवा की थैली में सूजन आ जाती है। इसके अलावा कुछ रोगियों में एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) भी देखा जाता है।

लिवर को नुकसान पहुंचना

CDC के मुताबिक, कुछ मरीज़ जो कोविड-19 की वजह से अस्पताल में भर्ती हुए उनमें लीवर एंज़ाइम के स्तर में वृद्धि देखी गई- जैसे कि एलेनिन एमिनोट्रांस्फरेज (ALT) और एस्पार्टेट एमिनोट्रांस्फरेज (AST)। इसका मतलब है कि किसी व्यक्ति का लिवर कम से कम अस्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोविड संक्रमण के बाद एक्यूट लिवर डैमेज भी आम है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।

दिल का दौरा और स्ट्रोक

दिल का दौरा और स्ट्रोक भी कोविड से रेकवरी के बाद कई मरीज़ों में देखा जाता है। जिन लोगों को इससे पहले कभी दिल से जुड़ी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा है, उन्हें भी यह समस्याएं आ सकती हैं। इसलिए कोविड नेगेटिव होने के बाद भी अपने डॉक्टर से जांच कराते रहें। दिल के दौरे, स्ट्रोक, अतालता (अनियमित दिल की धड़कन) के अलावा, म्यूकोर्मिकोसिस (काला फंगस), और गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी घातक साबित हो सकती हैं।

  • कैसे करें इनसे बचाव? 
  • मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कोविड से रिकवरी के बाद भी अपने डॉक्टर से लागातर संपर्क बनाए रखें। समय-समय पर बॉडी और ब्लड चेकअप कराएं।
  • कोविड से ठीक होने के बाद सभी मरीज़ों के लिए ज़रूरी है कि वो संतुलित आहार लें, जिसमें फाइबर और तरल पदार्थ की मात्रा अधिक हो। इंफेक्शन को कंट्रोल करने के लिए रोज़ाना डीप ब्रीथिंग एक्सरसाइज़ करें।
  • डॉक्टर द्वारा सुझाए गए नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जाएं, और समय-समय पर जांच करके अपने फेफड़े, हृदय और लिवर के स्वास्थ्य की निगरानी करें।
  • हेल्दी लाइफ बनाए रखने के लिए संतुलित डाइट के साथ तनाव मुक्त रहें और रोज़ाना एक्सरसाइज़ करें। डॉक्टर की जानकारी के बिना कोई भी दवा लेने से बचें क्योंकि ऐसा करने से आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। किसी भी दवा को न छोड़ें और विशेषज्ञ द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
  • अगर आपको सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नज़रअंदाज न करें और तुरंत इलाज शुरू कराएं।
  • अगर आप पहले से डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, मोटापे से जूझ रहे थे या हेवी स्मोकर रहे हैं, तो कोविड के बाद अधिक सावधान रहना होगा।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।