माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब से UP लाने की तैयारी में योगी आदित्यनाथ सरकार, पुलिस टीम रवाना

राजधानी लखनऊ में गैंगवार में बाहुबली विधायक बसपा के मुख्तार अंसारी के खास अजीत सिंह की हत्या के बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब विधायक मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने की तैयारी में है। मुख्तार अंसारी रंगदारी के एक केस में पंजाब की रोपड़ जेल में बंद है। रोपड़ जेल में बंद मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने गाजीपुर पुलिस की टीम रवाना कर दी गई है।

लखनऊ में अजीत सिंह की हत्या के बाद से मुख्तार अंसारी के गैंग में काफी खलबली मच गई है। इसी बीच खुफिया एजेंसियों को मऊ, आजमगढ़, वाराणसी व आसपास के इलाकों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब प्रदेश सरकार मुख्तार अंसारी को पंजाब ने वापस उत्तर प्रदेश लाने की तैयारी में है। माफिया से सफेदपोश बने मुख्तार अंसारी को 2019 लोकसभा चुनाव के पहले प्रदेश की बांदा जेल से पंजाब की रोपड़ जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से वह रोपड़ जेल में बंद है। इस दौरान पेशी के लिए कई बार मुख्तार अंसारी को रोपण से गाजीपुर आना था, लेकिन रोपड़ जेल के अधीक्षक ने मुख्तार के खराब स्वास्थ का हवाला देकर मुख्तार अंसारी को नहीं छोड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद रोपड़ जेल अधीक्षक को 18 दिसंबर 2020 को एक नोटिस जारी किया था। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने उस नोटिस को रोपड़ जेल अधीक्षक को हैंड डिलीवरी करवाने की योजना बनाई है।

योगी आदित्यनाथ सरकार अब तो किसी भी कीमत पर बाहुबली मुख्तार अंसारी को पंजाब से वापस उत्तर प्रदेश लाने की जुगत में है। सरकार कानूनी विकल्पों का सहारा ले रही है। इसी बीच मुख्तार अंसारी को गाजीपुर लाने के लिए गाजीपुर पुलिस के दो सदस्यों को चंडीगढ़ रवाना किया गया है। यह पहले दिल्ली जाकर वकील गरिमा प्रसाद से लेंगे, फिर रोपड़ जाकर जेल अधीक्षक को नोटिस देंगे।

पंजाब की रोपड़ जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को पेशी पर लाने के लिए कई बार गई गाजीपुर व आजमगढ़ पुलिस की टीमें खाली हाथ लौटी हैं। गाजीपुर में फर्जी दस्तावेजों पर असलहे का लाइसेंस लेने के मामले में मुख्तार अंसारी को प्रयागराज स्पेशल कोर्ट में उसे पेश होना था। इसके बाद उसके खिलाफ आजमगढ़ में दर्ज आपराधिक मामले में सेशन कोर्ट ने तलब किया था। रोपड़ जेल में बंद मुख्तार अंसारी को पेश करने के लिए कई बार नोटिस जारी की गई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम कई बार मुख्तार अंसारी को लाने रोपड़ गई, लेकिन हर बार मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर पुलिस को नहीं सौंपा गया। जब रोपड़ जेल पर दबाव बनाया गया, तो जेल अधिकारियों ने मुख्तार अंसारी की मेडिकल रिपोर्ट यूपी पुलिस को दे दी। अब यूपी सरकार को इस मामले कानूनी विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है।