Hathras Case News : हाथरस केस की हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई आज, देखा जाएगा अंतिम संस्कार वाला वीडियो

हाथरस में दलित युवती के साथ कथित दुष्कर्म के दौरान मारपीट के बाद युवती की मौत के मामले में सीबीआइ के चार्जशीट लगाने के बाद अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई चल रही है। कोर्ट में आज पीडि़त पक्ष के साथ आरोपित पक्ष के लोग तथा हाथरस के तत्कालीन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में युवती की अंत्येष्टि वाला वीडियो देखा जाएगा। इस वीडियो को देखने के बाद अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में शनिवार को हाथरस के दलित युवती के साथ कथित दुष्कर्म तथा मौत के मामले में आज सुनवाई होगी। इस दौरान युवती के रात में अंतिम संस्कार वाला वीडियो दिखाया जाएगा। कोर्ट के निर्देश पर वीडियो दिखाया जाएगा। इस दौरान कोर्ट में जज के साथ पीडि़त, आरोपित तथा दोनों पक्ष के वकीलों के साथ हाथरस के तत्कालीन डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार व तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर भी रहेंगे। सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद शाही तथा पीडि़त पक्ष की तरफ से सीमा कुशवाहा कोर्ट में मौजूद रहेंगी।

हाथरस कांड में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ आज विभिन्न मीडिया की तरफ से पेश की गई ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग देखेगी। हाई कोर्ट ने बीती सुनवाई के दौरान इसका निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि दोनों पक्ष वीडियो क्लिपिंग देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख जनवरी पहले ही तय कर दी है। कोर्ट ने कहा कि पक्षकारों के साथ ही हाथरस के तत्कालीन डीएम और एसपी और वकील को अदालत के मध्यस्थता केंद्र हॉल में क्लिपिंग देखने की अनुमति दी जाएगी।

हाथरस में में दलित लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म और यातना के मामले में चारों आरोपियों पर सीबीआई ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के बूलगढ़ गांव में 14 सितंबर को 20 वर्ष की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पीडि़ता ने दस दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसका 30 सितंबर को ही गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात अंतिम संस्कार कर दिया गया था। माना जा रहा है कि पुलिस ने बिना परिवार की इजाजत लिए मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया था। इसे लेकर पुलिस को काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि परिवार की इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया था। इस मामले की जांच इलाहाबाद हाई कोर्ट की निगरानी में सीबीआइ ने की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।