कोवैक्सीन को मंजूरी देने के मामले में भिड़े स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, हुई तीखी नोकझोंक

देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है लेकिन अभी भी इस मसले पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के बीच शनिवार को भारत बायोटेक की वैक्‍सीन को मंजूरी देने के मसले पर तीखी नोंकझोंक हुई। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भारत बायोटेक के स्‍वदेशी टीके कोवैक्सीन के आपात इस्‍तेमाल की मंजूरी दिए जाने को लेकर सवाल खड़े किए जिस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने करारा पलटवार किया।

टीकाकरण अभियान शुरू होने की पृष्ठभूमि में तिवारी ने टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी की प्रकिया पर सवाल खड़े किए। उन्‍होंने दावा किया कि टीकों के आपात उपयोग की स्वीकृति देने के लिए सरकार के पास कोई नीतिगत ढांचा ही नहीं है। कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया… टीकाकरण शुरू हो गया है और यह अजोबो-गरीब है कि भारत के पास आपात इस्‍तेमाल के लिए टीके को अधिकृत करने का कोई भी नीतिगत ढांचा नहीं है। फिर भी सरकार ने दो टीकों के आपात स्थिति में नियंत्रित इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि कोवैक्सीन की अलग ही कहानी है। इसे उचित प्रक्रिया के बिना ही इस्‍तेमाल की मंजूरी दी गई है। इस पर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने करारा पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी केवल अफवाहें फैलाने में लगे हैं। हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा कि मनीष तिवारी और कांग्रेस को केवल अफवाहें फैलाने की पड़ी है। उन्‍होंने आगे कहा कि अपनी आंखे खोलिए… और देखि‍ए जानेमाने डॉक्‍टर और सरकारी अधिकारी वैक्‍सीन लगवा रहे हैं।

उल्‍लेखनीय है कि भारत सरकार ने कोरोना महामारी के खिलाफ दो वैक्‍सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के आपात इस्‍तेमाल की मंजूरी दी है। देश में ऑक्‍सफोर्ड और एस्‍ट्राजेनेका की कोविशील्ड का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है जबकि कोवैक्सीन का निर्माण भारत बायोटेक ने किया है। कोवैक्सीन एक स्‍वादेशी टीका है। यही नहीं टीकाकरण के पहले दिन शनिवार को दोनों टीकों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की।