सियासी बवाल के बाद एक मंच पर होंगे गहलोत-पायलट:नाराज माकन नहीं आएंगे; राहुल की यात्रा को लेकर 33 बड़े नेताओं की आज मीटिंग

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान आने से पहले कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारत जोड़ो यात्रा की 33 नेताओं की समन्वय समिति की आज कांग्रेस वॉर रूम में पहली बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट शामिल होंगे।

25 सितंबर को गहलोत गुट के विधायकों के कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बहिष्कार करने से हुए सियासी बवाल के बाद गहलोत और पायलट पहली बार एक मंच पर होंगे।

गहलोत-पायलट 25 सिंतबर की घटना के बाद एक मंच पर नहीं आए हैं। उस घटना के दो महीनों बाद दोनों नेता एक जगह होंगे। इस बैठक को राहुल गांधी की यात्रा की तैयारियों के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है।

पार्टी में गहलोत और पायलट खेमों की खींचतान के बीच इस बैठक से यात्रा की तैयारियों का आगाज माना जा रहा है। इस बैठक के बाद भारत जोड़ो यात्रा के प्रदेश में एमपी बॉर्डर से लेकर हरियाणा बॉर्डर तक के 527 किलोमीटर रूट का कांग्रेस नेता 25 नवंबर को जायजा लेंगे।

अजय माकन नाराज होकर इस्तीफा दे चुके, आज की बैठक में नहीं आएंगे

भारत जोड़ो यात्रा की समन्वय समिति में प्रदेश प्रभारी अजय माकन मेंबर हैं, लेकिन माकन ​इस्तीफा दे चुके हैं, ऐसे में बैठक में शामिल नहीं होंगे। माकन ने 8 नवंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी भेजकर राजस्थान प्रभारी के पद से इस्तीफा दे दिया था। माकन का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने राजस्थान को लेकर कोई बैठक या फैसला भी नहीं किया है।

माकन ने 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के मामले में जिम्मेदार ठहराए गए तीन नेताओं शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दिया है।

माकन ने खड़गे को लिखी चिट्ठी में इस बात पर नाराजगी जताते हुए पद छोड़ने की पेशकश की थी। 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक के लिए खड़गे और माकन पर्यवेक्षक थे, दोनों की रिपोर्ट के आधार पर ही तीनों नेताओं को नोटिस जारी किए गए थे।

6 जिलों में 521 किलोमीटर का होगा राहुल की यात्रा का रूट
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के छह जिलों से होकर गुजरेगी। यह यात्रा झालवाड़ जिले से मध्यप्रदेश से राजस्थान में एंटर करेगी। झालावाड़, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, दौसा, अलवर जिले से होकर गुजरेगी। इन छह जिलों में यात्रा 521 किलोमीटर का सफर तय करेगी। करीब 3 दिसंबर को यात्रा राजस्थान में आएगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।

जिला स्तर पर भी यात्रा के लिए बनाईं कमेटियां
राजय स्तर पर समन्वय समिति के अलावा जिला स्तर पर यात्रा के लिए कॉर्डिनेटर समिति बनाई है। जिले की समिति में प्रभारी मंत्री, संगठन के जिला और संभाग प्रभारी, जिले के सांसद उम्मीदवार,विधायक और विधायक उम्मीदवार और बोर्ड निगमों के अध्यक्ष समिति के सदस्य बनाए गए हैं ।

बैठक के बाद पायलट आज यात्रा में शामिल होने बुरहानपुर जाएंगे

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज से मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। महाराष्ट्र का सफर खत्म करके से राहुल की यात्रा बुरहानपुर से मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी। बुरहानपुर से यात्रा में प्रियंका गांधी शामिल ​होंगी। प्रियंका गांधी का चार दिन तक यात्रा में रहने का कार्यक्रम है। कांग्रेस वॉर रूम में बैठक के बाद सचिन पायलट राहुल की यात्रा में शामिल होने बुरहानपुर जाएंगे। पायलट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से राजस्थान के सियासी हालात को लेकर चर्चा करेंगे।

नोटिस वाले तीन नेताओं के खिलाफ एक्शन की मांग
सचिन पायलट खेमा राहुल गांधी की यात्रा के राजस्थान आने से पहले विधायक दल की बैठक के बहिष्कार के मामले में दोषी ठहराए गए तीनों नेताओं के खिलाफ जल्द एक्शन लेने की मांग कर रहा है। सचिन पायलट पिछले दिनों खुद तीनों नेताओं पर एक्शन लेने की मांग पर बयान दे चुके हैं।

पायलट खेमे के मंत्री हेमाराम चौधरी और उनके कई समर्थक नेता भी लगातार इसकी मांग उठा रहे हैं। समर्थक नेता यात्रा के राजस्थान आने से पहले पायलट को सीएम बनाने की मांग भी उठा रहे हैं।

सरदारशहर उपचुनाव से ज्यादा ताकत राहुल की यात्रा पर
कांग्रेस ने राहुल गांधी की यात्रा की तैयारियों पर पूरी ताकत लगा रखी है, पार्टी का फोकस सरदारशहर (चूरू) के उपचुनाव से ज्यादा यात्रा पर है। सरदारशहर सीट पर उपचुनाव के लिए 5 दिसंबर को वोटिंग है, जिस दिन वोटिंग है, उस समय राहुल की यात्रा राजस्थान में होगी।

कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन से खाली हुई सीट पर कांग्रेस ने उनके बेटे अनिल शर्मा को टिकट दिया है। कांग्रेस को यहां सहानुभूति लहर का पूरा भरोसा है, इसीलिए बड़े नेताओं की जगह स्थानीय नेता ही उपचुनावों में लगे हैं। अब तक के उपचुनावों में कांग्रेस के बड़े नेता मैदान में उतरते रहे हैं, लेकिन इस बार राहुल की यात्रा पर पहला फोकस हो गया है।

राजस्थान कांग्रेस में सियासी नरेटिव बदलने की संभावना
राहुल गांधी की यात्रा से राजस्थान का सियासी नरेटिव बदलने की संभावना है। कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को लेकर भी तस्वीर साफ होगी। सियासी बवाल के जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होने या नहीं होने से गहलोत -पायलट कैंप पर काफी असर पड़ेगा। पायलट कैंप की मांगों के बारे में भी तस्वीर साफ हो जाएगी। राहुल की यात्रा तक अगर फैसला नहीं हुआ तो फिर मामला लंबा खिंच सकता है।

33 नेताओं की राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर कमेटी संभालेगी यात्रा का मैनेजमेंट

राजस्थान में राहुल की यात्रा की मैनेजमेंट संभालने के लिए 33 नेताओं की राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में प्रभारी महासचिव अजय माकन,सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, भंवर जितेंद्र सिंह, सचिन पायलट, जुबेर खान,रघुवीर मीणा,हरीश चौधरी, रघु शर्मा,धीरज गुर्जर, कुलदीप इंदौरा, गिरिजा व्यास, नारायण सिंह, बीडी कल्ला,चंद्रभान, रामेश्वर डूडी, मंत्री हेमाराम चौधरी, रामलाल जाट, प्रताप सिंह खाचरियावास, भजनलाल जाटव, महेंद्र जीत मालवीय, ममता भूपेश, प्रमोद जैन भाया, लालचंद कटारिया, परसादीलाल मीणा, महेंद्र चौधरी, आरसी चौधरी,मुमताज मसीह और ललित तूनवाल शामिल हैं।