Delhi AIIMS News: रैनसमवेयर अटैक के 24 घंटे बाद भी एम्स का सर्वर नहीं हो सका ठीक, मरीजों को आ रही परेशानी

राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Delhi AIIMS) के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक के 24 घंटे बाद भी उसे ठीक नहीं किया जा सका है। इस वजह से एम्स का सर्वर अब भी ठप पड़ा है। इसके मद्देनजर एम्स प्रशासन ने मैनुअल तरीके से मरीजों का डाटा रजिस्टर में दर्ज कर ओपीडी पंजीकरण की व्यवस्था की है।

मरीजों की जांच में आ रही परेशानी

वहीं, बृहस्पतिवार को मैनुअल तरीके से ही पंजीकरण कर मरीज ओपीडी में देखे जा रहे हैं। इसके चलते काम की गति बेहद धीमी है और इससे मरीजों के साथ अस्पताल प्रबंधन को भी दिक्कत पेश आ रही है। उधर, जांच के सैंपल लेने के लिए बार कोड जनरेट नहीं होने से स्मार्ट लैब का संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है। इस वजह से मरीजों की जांच में परेशानी आ रही है।

सर्वर हैक ने बढ़ा दी दिक्कत

एम्स के एक वरिष्ठ डाक्टर ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मैनुअल तरीके से मरीजों के सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्मार्ट लैब की मशीनें भी शुरू की गई हैं, लेकिन अभी क्षमता से कम ही जांच हो पाएगा, क्योंकि सर्वर हैक होने के कारण जांच की रिपोर्ट आनलाइन उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

लैब के सिस्टम में जनरेट हो पा रही रिपोर्ट

इसके चलते रिपोर्ट लैब के सिस्टम में जनरेट हो पा रही है।  एम्स प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सर्वर ठीक होने तक काउंटर से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मरीजों की जांच ज्यादा प्रभावित नहीं होने पाए।

ऑनलाइन डाटा खुलने में आ रही परेशानी

उल्लेखनीय है कि बुधवार को एम्स के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक के कारण मरीजों का डाटा ऑनलाइन नहीं खुल पा रहा था। इस वजह से ओपीडी में आनलाइन पंजीकरण नहीं होने से नए मरीज नहीं देखे गए थे। जांच सेवाएं भी प्रभावित थीं और ज्यादा मरीज भर्ती भी नहीं लिए जा सके थे।

मैनुअल पंजीकरण का है इंतजाम

एम्स के अनुसार बृहस्पतिवार ओपीडी में नए मरीजों के मैनुअल पंजीकरण की सुविधा की गई है। एनआइसी की टीम सर्वर को ठीक करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि इसके ठीक होते ही एम्स में सेवाएं और सुविधाएं सामान्य हो जाएंगीं।

एम्स में डिजिटल सेवाएं ठप होने की सूचना के बाद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) समेत अन्य एजेंसियां जांच में जुटी हैं। सर्वर ठप होने के कारण आनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने और टेलीकंसल्टेशन जैसी डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हैं।