Army TES Recruitment: 12वीं पास ऐसे बन सकते हैं सेना के तकनीकी कोर में अफसर, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया

Army TES Recruitment: भारतीय सेना द्वारा कंबाट कोर के साथ-साथ शिक्षा कोर, मेडिकल कोर, तकनीकी कोर, लीगल कोर आदि में भी सीधी भर्ती की जाती है। इन कोर में भर्तियों के लिए सेना द्वारा 12वीं पास से लेकर पीजी किये उम्मीदवारों से समय-समय पर विज्ञापन जारी करते हुए आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं। इनमें से सेना के तकनीकी कोर में सीनियर सेकेंड्री (10+2) उत्तीर्ण युवाओ की भर्ती एक अच्छा अवसर मानी जाती है, जिसके जरिए लेफ्टीनेंट के रैंक पर स्थायी कमीशन दिया जाता है। भारतीय सेना द्वारा (10+2) उत्तीर्ण युवाओं के लिए तकनीकी कोर में भर्ती आर्मी टेक्निकल इंट्री स्कीम (टीईएस) के माध्यम से की जाती है।

आर्मी टेक्निकल इंट्री स्कीम (Army Technical Entry Scheme)

भारतीय सेना द्वारा वर्ष दो बार टेक्निकल इंट्री स्कीम (टीईएस) के अंतर्गत भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जाती है। आर्मी टीईएस के माध्यम से दोनो प्रक्रिया से कुल 180 उम्मीदवरों की चयन हर वर्ष किया जाता है। आर्मी टीईएस भर्ती अधिसूचना आमतौर पर मई/जून और अक्टूबर/नवंबर माह के दौरान जारी की जाती है। आर्मी टीईएस के अंतर्गत चयनित युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे लेफ्टीनेंट के रैंक पर नियुक्ति दी जाती है। इस रैंक पर कार्यरत ऑफिसर निर्धारित नियमों के अनुसार सेना में जनरल की रैंक तक प्रोन्नत किये जा सकते हैं।

आर्मी टेक्नीकल इंट्री स्कीम के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैथमेटिक्स, केमिस्ट्री और फिजिक्स विषयों के साथ 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवारों को इन तीनों ही विषयों में कुल न्यूनतम 70 फीसदी प्राप्त होने जरूरी हैं। युवाओं को अविवाहित होना चाहिए उनकी आयु कोर्स शुरू होने के वर्ष एवं माह की पहली तारीख को 16.5 वर्ष से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस समय सेना द्वारा आर्मी टेक्निकल इंट्री स्कीम (टीईएस–45) के लिए नोटिस जारी किया गया है जिसके माध्यम से जुलाई 2021 में शुरू होने वाले कोर्स के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। इसका अर्थ हो कि उम्मीदवारों की आयु 1 जुलाई 2021 को 16.5 वर्ष से कम और 19.5 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आर्मी टीईएस के लिए चयन प्रक्रिया (Army Technical Entry Scheme – TES Selection Process)

आर्मी टेक्नीकल इंट्री स्कीम की चयन प्रक्रिया में आवेदनों की शार्टलिस्टिंग, सर्विसेस सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) द्वारा आयोजित किया जाने वाला पांच दिनों में दो चरणों का इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षण शामिल हैं। उम्मीदवारों के आवेदन की शार्टलिस्टिंग के बाद उन्हें एसएसबी इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाता है। पांच दिनों की चयन प्रक्रिया के बाद चयनित उम्मीदवार को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। प्रशिक्षण की अवधि 5 वर्ष होती है, इसमें से एक वर्ष की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडेमी (ओटीए) गया में दी जाती है। जिसके बाद 4 चार वर्षों की टेक्निकल ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें से पहले तीन वर्षों में पुणे, म्हो और सिकंदराबाद स्थित केंद्रों पर और फिर 1 वर्ष की फेज 2 ट्रेनिंग दी जाती है। सफलतापूर्व टेक्निकल ट्रेनिंग के बाद उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग डिग्री दी जाती है।

आर्मी टीईएस भर्ती सैलरी (Army Technical Entry Scheme – TES Salary)

आर्मी टेक्नीकल इंट्री स्कीम के अंतर्गत प्रशिक्षण के दौरान 21 हजार रुपये का मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सेना में लेफ्टीनेंट की रैंक पर स्थायी कमीशन (नियुक्ति) दिया जाता है। लेफ्टीनेंट के तौर पर नियुक्ति ऑफिसर को 7वें वेतन आयोग के लेवल 10 (रु. 56,100 – 1,77,500 रुपये) के अनुसार प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। इसके अलावा सैन्य सेवा वेतन यानि एमएसपी (रु.15,500 प्रतिमाह) और कई प्रकार के भत्ते और राशन दिये जाते हैं।