कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत ने दूसरे मुल्‍कों को भेंट की 55 लाख कोविड वैक्‍सीन : विदेश मंत्रालय

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत दुनिया के कई मुल्‍कों की बढ़चढ़ कर मदद कर रहा है। भारत ने अब तक कई देशों को कोविड-19 वैक्‍सीन की लगभग 55 लाख खुराक भेंट कर चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव ने गुरुवार को कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सहयोग करना भारत का कर्तव्य है। भारत अभी भी कई देशों को वाणिज्यिक स्तर पर कोविड वैक्‍सीन की आपूर्ति कर रहा है। यही नहीं अनेक देशों ने कोरोना के टीके भारत से लेने में दिलचस्‍पी दिखाई है।

श्रीलंका को पांच और बहरीन को एक लाख खुराक भेजी 

श्रीवास्तव ने बताया कि भारत ने 20 जनवरी से अब तक अनेक देशों को कोविड वैक्‍सीन की लगभग 55 लाख खुराकें भेंट स्वरूप दी है। भारत ने बृहस्पतिवार को मैत्री टीका अभियान के तहत श्रीलंका को कोविड वैक्‍सीन की पांच लाख खुराक जबकि बहरीन को एक लाख खुराक की खेप भेजी है। इससे पहले भूटान को कोविड-19 वैक्‍सीन की 1.5 लाख खुराक भेट की गई। भारत ने कोविड-19 वैक्‍सीन की मालदीव को एक लाख खुराक, नेपाल को 10 लाख, बांग्लादेश को 20 लाख, सेशल्स को 50 हजार, म्यामां 15 लाख खुराक, मारिशस को एक लाख खुराक भेजी है।

देशों ने भारत से मांगी थी मदद 

समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव ने बताया कि कोविड वैक्‍सीन की यह आपूर्ति इन देशों से प्राप्‍त अनुरोध के आधार पर की गई है। यही नहीं भारत ने अगले कुछ दिनों में ओमान को कोविड-19 वैक्‍सीन की एक लाख खुराक, कैरिकोम देशों (CARICOM countries) को पांच लाख खुराक और निकारागुआ को दो लाख खुराक भेजने की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रशांत द्वीपीय देशों (Pacific Island countries) को टीके की दो लाख खुराक भेजी जाएगी।

इन देशों को भी होगी आपूर्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा कि जैसा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया है… कोरोना महामारी के खिलाफ जारी वैश्विक लड़ाई में सहयोग करना भारत का कर्तव्य है। भारत सरकार ने इसी कर्तव्‍य के तहत पड़ोसी देशों को सबसे पहले वैक्‍सीन की आपूर्ति करने के साथ दुनिया के बाकी मुल्‍कों को भी टीके की आपूर्ति करने का फैसला लिया है। भारत सरकार ने ब्राजील, मोरक्को और बांग्लादेश को टीके का वाणिज्यिक निर्यात किया है। आने वाले वक्‍त में भारत की ओर से सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और मंगोलिया को भी वैक्‍सीन की आपूर्ति संभव है।