Budget Session 2021 LIVE: किसानों के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा, AAP के 3 सदस्यों को मार्शल ने बाहर निकाला

किसानों के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद में 15 घंटे का समय तय किया गया है। उधर, राज्यसभा में हंगामा कर रहे आम आदमी पार्टी के सदस्यों को सभापति वेंकैया नायडू ने निलंबित कर दिया है। सभापति ने सांसद संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को मार्शल बुलाकर बाहर भेजा। तीनों सांसदों को पूरे दिन की कार्यवाही के लिए सदन से निष्कासित किया गया है। इससे पहले किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर राज्यसभा की कार्यवाही को थड़ी देर के लिए स्थगित किया गया।

AAP के तीन सांसद निलंबित

किसानों के मुद्दे पर राज्यसभा में नारेबाजी करने के लिए वेंकैया नायडू ने आम आदमी पार्टी के तीन सदस्यों संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को पूरे दिन की कार्यवाही के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया है। सभापति ने मार्शल बुलाकर तीनों सदस्यों को सदन से बाहर भेजा।

किसानों पर चर्चा के लिए बनी सहमति

राज्यसभा में सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए ज्यादा समय देने पर आम सहमति बन गई है और चर्चा के दौरान विपक्ष किसान पर अपने मुद्दे उठा सकता है। इसके लिए कुल 15 घंटे का समय रखा गया है।

मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर चेतावनी

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सदस्यों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सदन में सेल्युल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। पता चला है कि कुछ सदस्य मोबाइल फोन से सदन की कार्यवाही रिकॉर्ड कर रहे हैं। ऐसा व्यवहार संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।

सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस

कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आज़ाद और आनंद शर्मा ने राज्यसभा में चल रहे किसान आंदोलन पर सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया है। तो वहीं, कांग्रेस सांसद राजीव सातव ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर राज्यसभा में शून्यकाल नोटिस दिया।

दोनों सदनों में भारी हंगामा 

मंगलवार को किसानों के समर्थन में विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा करते हुए कार्यवाही नहीं चलने दी। तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हुए विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में तत्काल बहस की मांग करते हुए सरकार को घेरा।

सरकार चर्चा के लिए तैयार

वहीं सरकार ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह किसानों के मसले पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। हंगामे के बीच कृषिष मंत्री नरेंद्र तोमर ने लोकसभा में कहा कि सरकार किसानों से बात करती रही है। हम आगे भी संसद के भीतर और बाहर चर्चा के लिए तैयार हैं।