श्रीचंद हिंदुजा ग्रुप को ईरान से ब्रिटेन ले गए थे:लंदन में क्वीन के पड़ोसी, शाही दावत में अपना खाना साथ ले जाते थे

हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन श्रीचंद परमानंद हिंदुजा यानी SP हिंदुजा का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार को लंदन में अंतिम सांस ली। वे कुछ समय से बीमार थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी से पीड़ित थे। उनकी पत्नी मधु का इसी साल 6 जनवरी को निधन हुआ था। एसपी चारों हिंदुजा भाइयों में सबसे बड़े थे।

हिंदुजा ग्रुप ब्रिटेन के सबसे अमीर कारोबारी घरानों में से एक है। ग्रुप का 100 से ज्यादा देशों में ट्रक-बस, बैंकिंग, पावर से लेकर केबल टीवी का बिजनेस है। अशोक लेलैंड, गल्फ ऑयल, हिंदुजा बैंक स्विट्जरलैंड, इंडसइंड बैंक, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस, हिंदुजा टीएमटी, हिंदुजा वेंचर्स, इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशंस लिमिटेड इसकी प्रमुख कंपनियां हैं।

कराची में जन्मे, पिता के निधन के बाद संभाला कारोबार
एसपी का जन्म 1935 में कराची में एक कारोबारी परिवार में हुआ था। 1971 में परमानंद हिंदुजा के निधन के बाद, उनके बेटों ने पारिवारिक विरासत संभाली। उन्होंने मुंबई में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर का कारोबार शुरू किया। पहली सफलता फिल्म ‘संगम’ के अंतरराष्ट्रीय वितरण से मिली। इसके बाद वे कामयाबी हासिल करते गए।

इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान से लंदन शिफ्ट किया ग्रुप हेडक्वार्टर
हिंदुजा ग्रुप का हेडक्वार्टर करीब 60 साल तक ईरान में रहा। जब एसपी हिंदुजा ने 1952 में पुश्तैनी बिजनेस जॉइन किया, उस समय समूह ईरान से कालीन और सूखे मेवे एक्सपोर्ट करता था और भारत से कपड़ा और चाय इम्पोर्ट करता था।

ईरान में 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद हिंदुजा ग्रुप ने अपना हेडक्वार्टर लंदन शिफ्ट कर दिया। इसके बाद ग्रुप ने स्विट्जरलैंड में एक फाइनेंस कंपनी ‘हिंदुजा बैंक’ की स्थापना की। समूह ने गल्फ ऑयल इंटरनेशनल और लैंड रोवर लीलैंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (यूके) का अधिग्रहण किया। 1993 में बैंकिंग सेक्टर में कदम रखा था और उन्होंने इंडसइंड बैंक की नींव रखी।

100 देशों में बिजनेस, ब्रिटेन के सबसे अमीर परिवारों में शुमार
हिंदुजा ग्रुप ने 100 देशों में ट्रक-बस, बैंकिंग, पावर से लेकर केबल टीवी के क्षेत्र में विस्तार किया। 1990 से हिंदुजा परिवार की गिनती ब्रिटेन के सबसे अमीर परिवारों में होती है। 2022 में हिंदुजा परिवार 2.9 लाख करोड़ रु. की संपत्ति के साथ वहां टॉप पर था। भारत में इसका ऑटोमोटिव और केमिकल्स का बिजनेस है। अशोक लेलैंड दुनिया की तीसरी बड़ी बस-ट्रक निर्माता कंपनी है।

कोई काम कल पर टालने की जगह आज ही कर लो : श्रीचंद परमानंद हिंदुजा
एसपी हिंदुजा हमेशा कड़े अनुशासन का पालन करते थे। वे सोने-जागने से लेकर खाने-पीने तक में अपना नियम कभी नहीं तोड़ते थे। उनकी जिंदगी के कुछ उसूल यहां पढ़ सकते हैं..

1. महारानी के भोज में अपना भोजन साथ ले जाते थे
हिंदुजा परिवार लंदन में महारानी एलिजाबेथ के पड़ोसी था। उनके 67 हजार वर्गफीट में बने कार्लटन हाउस की कीमत 25 हजार करोड़ रुपए है। महारानी ने कई बार अपने पड़ोसी को शाही भोज पर बुलाया। ऐसे में मांस-शराब से दूर रहने वाले एसपी हिंदुजा अपना भोजन खुद लेकर पहुंचते थे। स्ट्रिक्ट वेजिटेरियन होने की वजह से विदेश यात्रा पर अपने शेफ को साथ ले जाते थे।

2. अलग सोच: जो दूसरे करते हैं, वो हम नहीं करेंगे
एसपी हिंदुजा पर पिता का गहरा प्रभाव था। वो कहते थे कि पिता को देखकर सब कुछ सीखा। ‘कोई काम कल पर टालने की जगह आज ही कर लो।’ उनकी यह सलाह जिंदगी भर काम आई। बिजनेस में एक ही उसूल रहा, जो दूसरे करते हैं, वो हम नहीं करते।

3. अनुशासन: रात में 4 घंटे की नींद और पार्टी से दूरी
उनकी पहचान मैचिंग सूट और गोल चश्मा था। वे अपने अनुशासन और नियमों को लेकर बहुत सख्त थे। इसको लेकर उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। रात में सिर्फ चार घंटे सोते थे और सुबह चार बजे उठ जाते थे। कभी भी लेट नाइट पार्टी में नहीं गए।

4. बंटवारे पर कहते थे- सब कुछ सबका, कुछ भी किसी का नहीं
एसपी हिंदुजा चार भाइयों में सबसे बड़े थे। जब परिवार का विस्तार हुआ और बिजनेस की कमान तीसरी पीढ़ी के पास पहुंची, तो ग्रुप में बंटवारे की बात भी उठी। हालांकि, एसपी के सामने जब भी 109 साल पुराने हिंदुजा समूह में हिस्सेदारी की बात आती थी तो वे कहते थे, ‘यहां सब कुछ सबका है और कुछ भी किसी का नहीं।’