सनातन वाले बयान पर उदयनिधि की सफाई:बोले – हम किसी धर्म के दुश्मन नहीं, मेरे बयान का गलत मतलब निकाला; सारे केस का जवाब दूंगा

चेन्नई में 2 सितंबर को एक कार्यक्रम में सनातन के खिलाफ दिए बयान पर उदयनिधि ने गुरुवार को सफाई दी है। तमिलनाडु CM के बेटे उदयनिधि ने कहा, वे किसी भी धर्म के दुश्मन नहीं हैं। उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया।

उदयनिधि ने कहा था- मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना ये कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है।

इस बयान को लेकर उदयनिधि के खिलाफ दिल्ली और यूपी में FIR दर्ज की गई है। जिसको लेकर तमिलनाडु CM के बेटे ने कहा- वह सभी केस का कानूनी रूप से जवाब देंगे।

उदयनिधि की तरफ से जारी बयान की 5 बड़ी बातें…

  • उदयनिधि स्टालिन ने 7 सितंबर को X (पहले टि्वटर) पर एक बयान जारी करते हुए मोदी सरकार पर हमला किया। स्टालिन ने कहा- मोदी एंड कंपनी ध्यान भटकाने के लिए सनातन चाल का इस्तेमाल कर रही है।
  • पीएम मोदी भारत में मणिपुर के बारे में सवालों का सामना करने से डरते हैं और अपने दोस्त अडाणी के साथ दुनिया भर में घूम रहे हैं। सच तो यह है कि लोगों की अज्ञानता ही उनकी नाटकीय राजनीति की पूंजी है।
  • उदयनिधि ने लिखा – पिछले 9 सालों से, आपके (भाजपा) सभी वादे खोखले वादे हैं। आपने वास्तव में हमारे कल्याण के लिए क्या किया है, यह सवाल वर्तमान में एक निहत्थे, फासीवादी भाजपा सरकार के खिलाफ पूरे देश द्वारा एकजुट होकर उठाया जा रहा है।’
  • उदयनिधि ने कहा, आश्चर्य की बात यह है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री फेक न्यूज के आधार पर मेरे खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
  • उदयनिधि ने आगे लिखा – मैं भी एक अध्यात्मवादी हूं। यदि कोई धर्म लोगों को जातियों के नाम पर विभाजित करता है। उस धर्म में छुआछूत और गुलामी नजर आती है तो मैं उस धर्म का विरोध करने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा।

6 सितंबर को भी उदयनिधि ने बयान का बचाव किया था, बोले- वे हिंदू धर्म नहीं, सनातन प्रथा के खिलाफ
यह पहला मौका नहीं है जब उदयनिधि ने अपने बयान का बचाव किया। 6 सितंबर को भी उदयनिधि ने सफाई दी थी। चेन्नई में मीडिया से बातचीत में उदयनिधि ने कहा- वे हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जातिगत भेदभाव जैसी सनातन प्रथाओं के खिलाफ हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संसद के इनॉगरेशन पर इनवाइट नहीं करना इसका ताजा उदाहरण है।

मैंने जो भी कहा, वही बात बार-बार दोहराऊंगा। मैंने सिर्फ हिंदुओं को नहीं, बल्कि सभी धर्मों को इसमें शामिल किया। मैंने जातिगत मतभेदों की निंदा की है।