चीनी रक्षा मंत्री शांगफू 3 हफ्तों से गायब:हथियार खरीदने के मामले में हो रही जांच; अमेरिका ने पद से हटाए जाने की आशंका जताई

चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू पिछले 3 हफ्ते से गायब हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। शांगफू सैन्य हथियार की खरीद से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने आशंका जताई है कि शांगफू को पद से भी हटाया जा सकता है।

अमेरिकी मीडिया वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक चीनी अधिकारी के हवाले से बताया कि डिफेंस मिनिस्टर को पूछताछ के लिए ले जाया गया है। दूसरी तरफ जापान में मौजूद अमेरिकी राजदूत इमैनुएल ने शांगफू के हाउस एरेस्ट में भी होने की आशंका जताई है। 7-8 सितंबर को वियतनाम और सिंगापुर के साथ मीटिंग में शांगफू गायब थे।

उन्हें आखिरी बार 29 अगस्त को बीजिंग में अफ्रीकी देशों के साथ एक सिक्योरिटी फोरम में भाषण देते हुए देखा गया था। उस महीने की शुरुआत में उन्होंने रूस और बेलारूस का भी दौरा किया था। जुलाई में शांगफू की तरह ही चीन के विदेश मंत्री क्वीन गैंग भी लंबे समय तक गायब रहे थे। इन्हें बाद में मंत्री पद से हटा दिया गया था।

दरअसल, जुलाई में चीन के रक्षा मंत्रालय में हथियारों की खरीद करने वाली यूनिट ने एक नोटिस जारी किया था। इसमें हथियार की खरीद में बोली लगाने के प्रोसेस से गड़बड़ियां दूर करने की बात कही गई थी। यूनिट ने पब्लिकली ऐसी रिपोर्ट्स मांगी थी, जिसमें गलतियों से जुड़े सबूत हों।

ये रिपोर्ट अक्टूबर 2017 के आसपास के समय से मांगी गई थी। उस दौरान ली शांगफू ही हथियार खरीदने वाले डिपार्टमेंट के हेड थे। वे इस पद पर अक्टूबर 2022 तक थे। रॉयटर्स के मुताबिक, इस यूनिट के 8 और अधिकारियों के नाम भी जांच में शामिल हैं।

कौन है ली शांगफू

  • 65 वर्षीय ली शांगफू का जन्म फरवरी 1958 में हुआ था। वो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कमांडर रहे ली शाओजू के बेटे हैं।
  • चीनी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने 1982 में PLA के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी से डिग्री प्राप्त की और बाद में इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली। वह सेना के जी चांग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर में 30 से ज्यादा सालों तक तैनात थे।
  • 2016 में ली को स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स का डिप्टी कमांडर बनाया गया। अगले साल, उन्हें सेना की खरीद इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया।
  • शांगफू पांच स्टेट काउंसलर में से एक है। यह एक चीनी कैबिनेट पद है जो आम मंत्रियों की तुलना में उच्च स्थान का होता है।
  • अमेरिका ने 2018 में ली पर प्रतिबंध लगाया था। शांगफू पर आरोप था कि वो रूस के सबसे बड़े हथियारों के निर्माता रोसोबोरोन एक्सपोर्ट से हथियार खरीद रहे थे।

शांगफू की आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति

  • ली ने 15 अगस्त को रूस में मास्को के पास सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था।
  • 17 अगस्त को बेलारूस की सरकार राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और ली के मुलाकात की तस्वीर जारी की।
  • 29 अगस्त को ली ने बीजिंग में अफ्रीका शांति और सुरक्षा फोरम में भाषण दिया था।

चीन में ताकतवर लोगों का लापता होना नई बात नहीं है
चीन में ताकतवर लोगों का गायब होना कोई नई बात नहीं है। यह मॉडर्न चीन के संस्थापक माओ के समय से चला आ रहा है। माओ के वक्त में हंड्रेड फ्लावर्स कैंपेन चलाया गया था। इसके तहत लोगों को आलोचना करने की छूट दी गई।साथ ही सिस्टम की खामियों को बताने के लिए कहा गया। इसके बाद कई लोगों ने ऐसा किया, लेकिन जिसने भी यह किया, उसका फिर पता नहीं चला।

यानी उन लोगों को ठिकाने लगा दिया गया।ये माओ की चाल थी। दरअसल, वो अंदरखाने मौजूद अपने विरोधियों की पहचान करना चाहते थे। कहा जा रहा है कि यही चाल शी जिनपिंग भी अपना रहे हैं। चीन में गायब होने वाले लोगों की लिस्ट में एक्टर, एक्टिविस्ट से लेकर स्पोर्ट्सपर्सन तक के नाम शामिल हैं।

फरवरी में चीन के IT सेक्टर में बड़ा नाम माने जाने वाले बाओ फान भी गायब हो गए थे। उनके इन्वेस्टमेंट बैंक चाइना रेनेसां के मुताबिक उन्हें एक सरकारी पड़ताल के सिलसिले में बुलाया गया था, जिसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। बाओ फान को चीनी टेक इंडस्ट्री के लिए रेनमेकर माना जाता है।

वे न सिर्फ इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कंपनियों के बीच डील कराने के लिए, बल्कि उनके इन्वेस्टमेंट बैंक ने कई स्टार्ट-अप्स में निवेश भी किया था।बाओ फान के माता-पिता डिप्लोमैट थे। उन्होंने नॉर्वे में पढ़ाई की और मॉर्गन स्टैनली तथा क्रेडिट स्युइस जैसे संस्थानों में काम भी किया है। 2015 में उन्होंने अलीबाबा और टेनसेंट के कैब हेलिंग प्लेटफॉर्म्स का मर्जर करवाया था।