लखनऊ में कमांडो ऑपरेशन से लोग आज भी दहशत में:आतंकियों की गिरफ्तारी पर नहीं करते बात…जब पूरा इलाका सील करके 11 घंटे चला था ऑपरेशन

11 जुलाई 2021…रविवार की सुबह। लखनऊ का दुबग्गा इलाका। अचानक पुलिस पहुंचती है और पूरे इलाके को खाली करने को कहती है। कुछ ही देर में यूपी एंटी टेररिज्म स्कॉड (ATS) पूरे इलाके को सील कर देती है। वहां से किसी को गुजरने की न तो इजाजत थी न ही ठहरने की।

चारों तरफ अजीब सा सन्नाटा फैला था। सुगबुगाहट के साथ पूरे इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना फैल चुकी थी। एटीएस का ऑपरेशन देखने के लिए लोग अपने घर की छतों पर खड़े थे। करीब 11 घंटे के ऑपरेशन के बाद एटीएस वहां से दो लोगों को पकड़ लेती है। बाद में पता चलता है कि वह दोनों अंसार-गजवत-उल-हिंद आतंकी संगठन से जुड़े आतंकी हैं।

मामला हाई प्रोफाइल था इसलिए इस मामले को यूपी एटीएस से NIA ने ले लिया। दो साल तक जांच चली। अब दोबारा NIA उस जगह पहुंचा और उस घर के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया।

आइए 11 जुलाई 2021 की घटना पर चलते हैं…
यूपी ATS को दुबग्गा चौराहे के पास एक गैराज में अंसार-गजवत-उल-हिंद संगठन से जुड़े आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था। एटीएस इलाके सील करके कमांडो तीन घरों में तलाशी शुरू कर देते हैं। ये ऑपरेशन करीब 11 घंटे चलता है।

इसके बाद ATS दो आतंकियों को मशीरुद्दीन उर्फ मुशीर और मिनहाज अहमद को गिरफ्तार कर लेती है। मसीरुद्दीन को ATS मड़ियांव के नौबस्ता इलाके से गिरफ्तार करती है। एटीएस को बड़ी मात्रा में गोला-बारूद मिलता है। इसमें कुकर बम और टाइमर बम भी शामिल था। बम बनाने का सामान भी मिला था। ATS ने इस ऑपरेशन की तैयारी एक सप्ताह पहले कर ली थी।

15 अगस्त पर थी सीरियल ब्लास्ट की तैयारी
ATS की पूछताछ में पता चला कि 15 अगस्त के मौके पर आतंकी लखनऊ, कानपुर समेत कई शहरों में सीरियल ब्लास्ट के फिराक में थे। कुछ बड़े नेता भी इनके निशाने पर थे। ऑपरेशन के दौरान 5 आतंकियों के भागने की सूचना भी थी। दो दिन बाद तीन अन्य साथी पकड़ लिए गए थे।

इस ऑपरेशन के बाद लखनऊ से सटे अन्य जिलों में अलर्ट जारी किया गया था। रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ा दी गई थी। जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर सक्रिय AQIS मॉड्यूल से पकड़े गए आतंकियों के तार जुड़े थे। इस ऑपरेशन से कुछ दिन पहले जम्मू में एक ब्लास्ट हुआ था। जिसमें लखनऊ में छिपे आतंकियों के जुड़े होने की बात सामने आई थी।

7 किलो विस्फोटक और प्रेशर कुकर बम मिले
मिनहाज अहमद के घर से 2 प्रेशर कुकर बम, 7 किलो विस्फोटक जो टाइम बम बनाने में इस्तेमाल होता है और उससे जुड़े अन्य सामान मिले थे। IED एक्सप्लोसिव बरामद किया गया। प्रेशर कुकर के जरिए टाइमर डिवाइस से विस्फोट की साजिश बताई गई। घर के अंदर एक खुफिया दरवाजा था। उसमें भी विस्फोटक मिला था।

NIA से जुड़ी कार्रवाई को समझते हैं…
NIA ने 29 जुलाई 2021 को यूपी एटीएस से जांच अपने हाथ में ले ली थी। दो साल जांच करने के बाद अंसार-गजवत-उल-हिंद संगठन से जुड़े आतंकी मिनहाज के दुबग्गा स्थित मकान को जब्त कर लिया है। NIA ने विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मकान जब्त किया है। यह मकान उसके पिता सिराज अहमद, मां बिलकिश फातिमा और भाई रियाज अहमद के नाम है।

जिस मकान पर कुर्की की नोटिस लगाया गया है, वहीं से मिनहाज अपना आतंकी नेटवर्क चलाता था। यहीं से कई शहरों में धमाके करने की साजिश रच रहा था। NIA की जांच में पता चला कि मिनहाज जम्मू-कश्मीर के आतंकी आदिल नबी उर्फ मूसा व तौहीद के संपर्क में भी था। मिनहाज ने लखनऊ में रहकर तौहीद के बैंक अकाउंट में पैसे भी भेजे थे।

बम बनाने के वीडियो बनाकर संगठन को भेजता था
मिनहाज अपने घर पर बम तैयार करता था। इसके बाद उसका वीडियो बनाकर अलकायदा के आतंकी मूसा को भेजा था। मिनहाज का कनेक्शन अलकायदा के आतंकी उमर हलमंडी से भी था। मिनहाज ने अपने घर की छत पर कुछ छोटे बमों का परीक्षण भी किया था।