गैंगस्टर महेश सैनी मामले में सुनवाई आज:रेवाड़ी कोर्ट में पुलिस देगी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा; पेशी से लगातार गैरहाजिर चल रहा बदमाश

हरियाणा के रेवाड़ी में गैंगस्टर महेश सैनी के मामले में गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। गैंगस्टर कोर्ट में सुनवाई से लगातार गैरहाजिर चल रहा है और इसको लेकर सख्त हुए कोर्ट ने 2 दिन पहले उसकी व परिवार की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सुशील कुमार गर्ग की कोर्ट में पुलिस की तरफ से महेश सैनी और उसके परिवार की संपत्ति का ब्योरा दिया जाएगा। इसी कोर्ट में महेश सैनी के खिलाफ आपराधिक मामले की सुनवाई चल रही है।

इस केस में 21 सितंबर यानि आज कोर्ट में सुनवाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने महेश सैनी के कोर्ट में पेश होने के लिए वारंट भी जारी किए हुए है। पिछली तारीख पर महेश सैनी द्वारा दिया गया मेडिकल भी जांच में फर्जी पाया गया था। इसके बाद से ही महेश सैनी पर लगातार कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।

33 आपराधिक मामले दर्ज

बता दें कि महेश सैनी पर रेवाड़ी के अलावा आसपास के जिलों में 33 आपराधिक मामले दर्ज है। जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, रंगदारी जैसे संगीन मामले शामिल है। एएसजे डा. सुशील कुमार गर्ग की अदालत में चल रहे आपराधिक मामले में महेश सैनी लगातार गैर हाजिर चल रहा है। कोर्ट द्वारा महेश सैनी के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। उसके बाद भी महेश सैनी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

जमानती पर लग चुका 1 लाख का जुर्माना

पिछली सुनवाई पर एसपी से महेश सैनी को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश भी जारी किए थे। कोर्ट में पेश होने से बचने के लिए महेश सैनी की तरफ से मेडिकल पेश किया था, लेकिन जांच में वह फर्जी पाया गया था। आरोपी के पेश नहीं होने पर कोर्ट ने जमानत बॉन्ड रद करते हुए उसके जमानती पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। जमानती द्वारा एक लाख रुपए का जुर्माना कोर्ट में जमा कर दिया गया है।

आज संपत्ति का ब्योरा देगी पुलिस

कोर्ट ने सिटी डीएसपी से महेश सैनी व उसके परिवार की चल अचल संपत्ति की पूरी जानकारी अगली सुनवाई से पहले कोर्ट में जमा कराने के आदेश दिए थे। रेवाड़ी पुलिस की तरफ से नगर परिषद के अलावा बावल नगर पालिका को भी पत्र लिखकर महेश सैनी और उसके परिवार से जुड़ी संपत्ति की डिटेल उसी दिन मांगी गई थी। यदि पुलिस आरोपी की संपत्ति की जानकारी जमा नहीं करा पाती है तो डीएसपी सिटी को खुद कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा।