गोल्डी बराड़ के साथियों पर पंजाब पुलिस की रेड:सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमांइड गैंगस्टर; सीक्रेट ऑपरेशन चला संदिग्ध पकड़े जा रहे

कनाडा और UK में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के करीबियों को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस एक्शन में आ गई है। पंजाब भर में सुबह 7 बजे से सीक्रेट ऑपरेशन शुरू किया गया है। सभी जिलों में बड़े स्तर पर छापेमारी जारी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन खत्म होने के बाद इस बारे में जानकारी दी जाएगी।

गौरतलब है कि गोल्डी बराड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का खास है। लॉरेंस के कहने पर उसी ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या कराई थी। जिस वक्त उसने कत्ल कराया, वह कनाडा में था। हालांकि बाद में उसके कनाडा से अमेरिका के कैलिफोर्निया भागने की भी खबरें आई।

वह कनाडा में बैठ लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क को फैलाने, हथियारों की तस्करी, रंगदारी और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पंजाब में गोल्डी बराड़ की आपराधिक की घटनाओं के बाद NIA की तरफ से उस पर UAPA लगाया गया है।

हर जिले में एक साथ उतरी टीमें, संदिग्ध राउंडअप कर रहे
यह ऑपरेशन सुबह 7 बजे पूरी तरह से कॉन्फिडेंशियल रखते हुए शुरू किया गया। हर जिले एक साथ पुलिस टीमों ने रेड शुरू की। इसमें गोल्डी बराड़ या लॉरेंस गैंग से जुड़े सभी संदिग्धों को पंजाब पुलिस राउंडअप कर रही है। गुरुवार शाम 5 बजे ADGP इस पूरे मामले के बारे में विस्तृत जानकारी सांझा करेंगे।

NIA ने बीते दिन ही जारी की थी सूची
पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा भारत में गतिविधियां चलाने वाले खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ अपनी जांच तेज करने के एक दिन बाद आई है। एजेंसी ने पाकिस्तान से एक्टिव हरविंदर सिंह संधू उर्फ ​​’रिंदा’ और लखबीर सिंह संधू उर्फ ​​’लंडा’ सहित आतंकवादी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के पांच सदस्यों के बारे में जानकारी देने के लिए नकद इनाम की घोषणा की थी।

बराड़ व बिश्नोई पैसों का लालच देकर बढ़ा रहे गैंग
गुरुवार सुबह शुरू हुए ऑपरेशन में पंजाब पुलिस ने बराड़ और बिश्नोई गिरोह के कई सहयोगियों और उनके साथ लेनदेन करने वाले अन्य लोगों को पकड़ना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि बराड़ और बिश्नोई के सहयोगी सलाखों के पीछे होते हुए भी नशे की तस्करी जैसे छोटे अपराधों के आरोपी युवाओं को फंसाते हैं। उन्हें बड़े अपराध करने के लिए प्रेरित करते हैं। गिरोह के सदस्य बड़ी घटनाओं व टारगेट किलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए पैसे का लालच देते हैं।