अमित शाह आज अमृतसर में:31वीं उत्तरी क्षेत्रीय परिषद बैठक की अध्यक्षता करेंगे; चंडीगढ़ को सिर्फ पंजाब की राजधानी की मांग करेंगे पंजाब CM

भारत के गृहमंत्री अमित शाह उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक के लिए आज मंगलवार अमृतसर पहुंच रहे हैं। बैठक में सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रत्येक राज्य से दो वरिष्ठ मंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक भाग लेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह से चंडीगढ़ को सिर्फ पंजाब की राजधानी बनाने की मांग कर सकते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार गृहमंत्री शाह तकरीबन 1.30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हो जाएंगे। यहां से उनका काफिला सीधा ताज होटल पहुंचेगा। यहां उत्तरी भारत के राज्यों के मुख्यमंत्रियों व व वरिष्ठ मंत्रियों के साथ ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगा। इसमें उन मुद्दों पर भी बातचीत होगी, जिससे पड़ोसी राज्यों से द्वेष बढ़ रहा है।

इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के लिए चंडीगढ़ की मांग कर सकते हैं। उनकी कोशिश रहेगी कि चंडीगढ सिर्फ पंजाब की राजधानी हो और हरियाणा की नई राजधानी उनकी स्टेट में ही बनाई जाए। इसके अलावा पंजाब-हरियाणा के बीच पानी, पंजाब यूनिवर्सिटी की हरियाणा कॉलेजों के साथ एफिलिएशन जैसे मुद्दों पर भी बात होगी।

9 सालों में 53 बैठकें हुई
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15-22 के तहत वर्ष 1957 में पांच (5) क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री इन पांचों क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष हैं और क्षेत्रीय परिषद में शामिल राज्यों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं, जिनमें से एक मुख्यमंत्री (हर साल बारी-बारी से) उपाध्यक्ष होते हैं।

राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से जून, 2014 से अब तक पिछले 9 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों की कुल 53 बैठकें हुईं हैं। जिसमें स्थायी समितियों की 29 बैठकें और क्षेत्रीय परिषदों की 24 बैठकें शामिल हैं।

बैठक में उठेंगे पंजाब के मुद्दे
क्षेत्रीय बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड, पंजाब विश्वविद्यालय में एफिलिएशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य, नहर परियोजना व जल बंटवारा, राज्य-पुनर्गठन से संबंधित मुद्दे, बुनियादी ढांचे के विकास में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण व वन सम्बन्धी अनुमति, उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय स्तर के सामान्य हित के अन्य मुद्दे शामिल हैं।