371 दिन बाद स्पेस से लौटा अमेरिकी एस्ट्रोनॉट:नासा ने 180 दिन के लिए भेजा था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में खराबी की वजह से लेट हुए

स्पेस पर 371 दिन बिताने के बाद अमेरिकी एस्ट्रोनॉट फ्रैंक रुबियो वापस धरती पर लौट आए हैं। उन्हें कजाकिस्तान के एक दूरदराज इलाके में सोयुज कैप्सूल से उतारा गया। उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री सर्गेई प्रोकोपीयेव और दिमित्री पेतेलिन भी स्पेस से वापस लौटे हैं।

रुबियो स्पेस पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले अमेरिकी एस्ट्रोनॉट बन गए हैं। उन्होंने 11 सितंबर को यह रिकॉर्ड बनाया था। वे स्पेस में 371 दिन रहे। इससे पहले अमेरिका के एस्ट्रोनॉट मार्क वांडे हेई ने 355 दिन का रिकॉर्ड साल 2022 में बनाया था। हालांकि, अब तक स्पेस पर सबसे ज्यादा समय बिताने का रिकॉर्ड रूसी एस्ट्रोनॉट वलेरी पोलीयाकोव के नाम है, जिन्होंने 437 दिन बिताए थे।

कबाड़ से टकरा गया था स्पेसक्रॉफ्ट
फ्रैंक रुबियो को 180 दिन के लिए स्पेस मिशन पर भेजा गया था, लेकिन उनका स्पेसक्राफ्ट एक कबाड़ से टकरा गया। इससे यान काकूलिंग सिस्टम खराब हो गया। इसी वजह से अमेरिकी एस्ट्रोनॉट को ज्यादा दिनों तक रूकना पड़ा।

इस पूरे मामले पर रुबियो का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि उन्हें 1 साल तक स्पेस में रूकना पड़ जाएगा तो मिशन में कभी नहीं जाते।

रुबियो ने 5 हजार से ज्यादा बार धरती के चक्कर लगाए
अमेरिका के फ्रैंक रुबियो ने स्पेस स्टेशन में रहते हुए धरती के चारों तरफ 5963 चक्कर लगाए। इस बीच उन्होंने 15 करोड़ 74 लाख 12 हजार 306 मील की यात्रा की। यदि चंद्रमा की यात्रा से इसकी तुलना की जाए तो इतनी दूरी में कम से कम 328 बार धरती से चंद्रमा पर जाकर लौटा जा सकता है।

फ्रैंक रूबियो अमेरिका की तरफ से स्पेस पर सबसे ज्यादा दिनों तक रहने वाले एस्ट्रोनॉट बन गए है, लेकिन ओवरऑल उनका नंबर तीसरा है। सबसे पहले नबंर पर रूसी अंतरिक्ष यात्री वैलेरी पोलियाकोव हैं। वे 437 दिन तक स्पेस में रहे थे। उन्होंने 7 हजार बार धरती के चक्कर लगाए थे।

रूसी अंतरिक्ष यात्री सर्गेई और दिमित्री ने भी बिताए एक साल
रूसी अतंरिक्ष यात्री सर्गेई प्रोकोपीयेव और दिमित्री पेतेलिन भी स्पेस में एक साल से ज्यादा समय बिताने वाले छठे और सातवें एस्ट्रोनॉट बन चुके हैं। इससे पहले सोवियत संघ के समय रूसी कॉस्मोनॉट्स सर्गेई अवदीव, मूसा मानारोव, व्लादिमीर तितोव और वैलेरी पोलियाकोव ने अंतरिक्ष में 365 दिन बिताए थे। लेकिन वह मीर स्पेस स्टेशन की बात थी।