न्यूजक्लिक फाउंडर और HR हेड 7 दिन की रिमांड में:गैरकानूनी गतिविधि और चीनी फंडिंग के केस में मंगलवार को छापेमारी के बाद गिरफ्तारी हुई थी

दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर की रात न्यूजक्लिक वेबसाइट के फाउंडर प्रबीर पुरकायस्थ और HR प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। 4 अक्टूबर की सुबह उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। इन पर फॉरेन से फंडिंग लेने का आरोप है। पुलिस ने सुबह 30 से ज्यादा लोकेशंस पर छापे मारे गए थे।

पुलिस ने बताया कि मामले में 46 संदिग्धों से पूछताछ की गई, इनमें 37 पुरुष और 9 महिलाओं शामिल हैं। पुरुषों से दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के दफ्तर और महिलाओं से उनके आवास पर पूछताछ की गई। जिन लोगों से पूछताछ की गई उनमें पत्रकार उर्मिलेश, औनिंद्यो चक्रवर्ती, अभिसार शर्मा, परंजय गुहा के साथ-साथ इतिहासकार सोहेल हाशमी भी शामिल हैं। करीब 6 घंटे की पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया गया।

पुलिस ने इनसे उनकी विदेश यात्रा, दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, किसान आंदोलन सहित विभिन्न मुद्दों से जुड़े 25 सवाल पूछे। पत्रकारों का आरोप है कि उनका लैपटाप, मोबाइल जब्त कर लिया है।

कांग्रेस, आप और सपा के साथ-साथ प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने छापेमारी की आलोचना की है। विपक्षी गठबंधन ने कहा कि सरकार सच दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने भुवनेश्वर में एक सभा में कहा कि देश में जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और कानून के मुताबिक काम करती हैं।

एडिटर्स गिल्ड ने कहा मीडिया पर लगाम लगाने का एक और प्रयास
एडिटर्स गिल्ड ने कहा कि यह कार्रवाई मीडिया पर लगाम लगाने का एक और प्रयास है। कठोर कानूनों का इस्तेमाल डराने-धमकाने या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आलोचनात्मक आवाजों को दबाने के लिए नहीं होना चाहिए। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि वह पत्रकारों पर छापेमारी से चिंतित है। हम पत्रकारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

इससे पहले न्यूजक्लिक से जुड़े पत्रकार अभिसार शर्मा, उर्मिलेश और परंजॉय गुहा ठाकुरता को पुलिस ले गई थी। मुंबई में एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ के घर भी मुंबई पुलिस की एक टीम पहुंची थी।

दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत की है। 5 अगस्त को न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया था कि न्यूजक्लिक को एक अमेरिकी अरबपति नोवेल रॉय सिंघम ने फाइनेंस किया था। वे चीनी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत दुनियाभर में संस्थाओं को फंडिंग करते हैं।

इस रिपोर्ट के आधार पर 17 अगस्त को न्यूजक्लिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनके खिलाफ IPC की धारा 153 (ए) (धर्म, जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के साथ-साथ यूएपीए की कई धाराएं (13, 16, 17, 18 और 22) भी लगाई गई हैं।

धारा 16- आतंकी मामलों से जुड़ी, धारा 17- आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाना, धारा 18- षड्यंत्र की सजा, धारा 22 सी- कंपनियों द्वारा किए गए अपराध की सजा है।

तीस्ता के घर मुंबई पुलिस पहुंची, कार्रवाई की डिटेल नहीं
सोशल एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ के मुंबई स्थित घर पर भी पुलिस पहुंची। तीस्ता न्यूजक्लिक वेबसाइट के लिए आर्टिकल लिखती रही हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक इस केस से तीस्ता के कनेक्शन के बारे में कुछ नहीं कहा है। तीस्ता को गुजरात दंगों से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने 19 जुलाई को जमानत दी थी। उन्हें पिछले साल 25 जून को गिरफ्तार किया गया था।