मैक्सिको को पहली बार मिल सकती है महिला राष्ट्रपति:ये नोबेल प्राइज जीतने वाली कमेटी की मेंबर रहीं; चुनावी हिंसा में 200 की जान गई

मैक्सिको में 2 जून को हुए राष्ट्रपति चुनाव में पहली बार कोई महिला कैंडिडेट जीत सकती है। रविवार से ही मतों की गिनती शुरू होने के बाद शुरूआती रुझानों में सत्तारूढ़ मोरेना पार्टी की क्लॉडिया शेनबॉम सबसे आगे चल रही हैं।

उन्हें 60% वोट मिल चुका है। वहीं दूसरे नंबर पर नेशनल एक्शन पार्टी की शोचिल गालवेज हैं। उन्हें अब तक 28% वोट मिले हैं।

क्लॉडिया शेनबॉम उम्मीदवार
मैक्सिको के संविधान के नियम के मुताबिक, राष्ट्रपति ओब्राडोर को दोबारा से 6 साल का कार्यकाल नहीं मिल सकता। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी मोरोना पार्टी की तरफ से क्लॉडिया शेनबॉम को उम्मीदवार बनाया गया था। वह मैक्सिको सिटी की पूर्व मेयर रह चुकी हैं और लेफ्ट पॉलिटिक्स से काफी समय से जुड़ी हुई हैं। साल 2007 में मैक्सिको की इंटरगवर्नमेंटल कमेटी को नोबेल प्राइज मिला था। तब वह इसकी मेंबर थीं।

विपक्षी पार्टी से भी महिला उम्मीदवार
दिलचस्प बात ये है कि उनकी टक्कर एक अन्य महिला उम्मीदवार शोचिल गालवेज से है। वह दक्षिणपंथी नेशनल एक्शन पार्टी (PAN) से चुनाव लड़ रही हैं और राष्ट्रपति ओब्राडोर की नीतियों की कट्टर विरोधी हैं। वहीं, एक अन्य उम्मीदवार जॉर्ज अल्वारेज मिनेज हैं, जिनकी जीत के चांसेज कम बताए जा रहे हैं।

ये मैक्सिको के चुनावी इतिहास का सबसे हिंसक चुनाव भी कहा जा रहा है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक करीब 200 लोग मारे जा चुके हैं। 50 से अधिक लोग सिर्फ गुरेरो प्रांत में मारे गए हैं। मैक्सिको में पिछला आम चुनाव 2018 में हुआ था। उस दौरान करीब 150 लोगों की हत्या कर दी गई थी।