पंचायत के ‘विधायक जी’ के बदले सुर:बोले-‘पंकज त्रिपाठी और अनुराग कश्यप के बारे में कुछ गलत नहीं कहा, वो मेरे दोस्त हैं’

वेब सीरीज ‘पंचायत’ फेम एक्टर पंकज झा इन दिनों सुर्खियों में हैं। सीरीज में उन्हें विधायक जी के किरदार में काफी पसंद किया जा रहा है। इस बीच पंकज एक इंटरव्यू में कही गई कुछ बातों की वजह से भी चर्चा में हैं।

दरअसल, पंकज झा ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में इशारों-इशारों में कुछ बातें कही थीं जिन्हें फिल्ममेकर अनुराग कश्यप और पंकज त्रिपाठी से जोड़कर देखा जा रहा था।

झा का कहना था कि इंडस्ट्री में कई एक्टर्स ऐसे हैं जो दूसरे एक्टर्स का काम छीनकर अपने स्ट्रगल को ग्लैमराइज करते हैं।

अब इन कमेंट्स पर झा ने सफाई दी है और कहा है कि उन्होंने पंकज त्रिपाठी या अनुराग कश्यप के लिए ये बातें नहीं कही थीं। पंकज ने दोनों को अपना दोस्त भी बताया है।

मैं ऐसी बातें क्यों करूंगा?

उन्होंने कहा, ‘मैंने इंटरव्यू में किसी त्रिपाठी का नाम नहीं लिया। आप मेरे इंटरव्यू सुन सकते हैं कि मैंने किसी का भी नाम नहीं लिया। मैं क्यों ऐसी बातें करूंगा? मीडिया को हमेशा मसाला चाहिए और वो इसके लिए ऐसी खबरों को अपने मुताबिक बनाते हैं।’

पंकज ने आगे कहा, ‘ऐसी खबरों का कोई सेंस नहीं है। पंकज त्रिपाठी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमने कई फिल्मों में साथ काम किया है। वो मेरे जूनियर हैं। वो मेरे बाद इंडस्ट्री में आए हैं और मैं लंबे समय से हूं। इसी तरह अनुराग कश्यप मेरे दोस्त हैं। वो मेरे लिए भाई की तरह हैं। हमने ‘गुलाल’ और ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसी फिल्में साथ में की हैं। मैं क्यों उनके बारे में इस तरह की गलत बातें कहूंगा’?

पिछले इंटरव्यू में क्या कहा था पंकज झा ने?

पिछले दिनों डिजिटल कमेंट्री को दिए एक इंटरव्यू में जब झा से पूछा गया था कि क्या उन्हें लगता है कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के रोल को लेकर उनके साथ पॉलिटिक्स हुई थी ?

इसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘अगर मेरे पीठ पीछे पॉलिटिक्स होती है तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। जो किसी के पीठ पीछे राजनीति करते हैं वो अमूमन कायर ही होते हैं पर अगर सामने वाले का पॉलिटिक्स से मुझे हानि कर गया तो फिर पॉलिटिक्स करने वाला जीत गया ना।’

झा का रोल पंकज त्रिपाठी को मिल गया

एक वाकये को शेयर करते हुए झा ने बताया था- ‘मैं एक फिल्म की शूटिंग के लिए पटना गया था। वहां मुझे मैसेज कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का मैसेज मिला कि वो मुझे ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में कास्ट करना चाहते हैं।

मैं किसी और प्रोजेक्ट की शूटिंग करके दो दिनों पर वापस लौटा तो पता चला कि वासेपुर वाला रोल किसी और दे दिया गया है।’ बता दें कि वो रोल पंकज त्रिपाठी को मिल गया था जिससे उनकी किस्मत बदल गई थी।

इंटरव्यू में आगे झा ने यह भी कहा था कि कुछ लोग किसी का चप्पल चुरा लेते हैं और कहते हैं कि वो हमारे लिए बहुत बड़े एक्टर हैं इसलिए उनकी चप्पल चुरा ली।

बताते चलें कि स्ट्रगल के दिनों में पंकज त्रिपाठी जिस होटल में काम करते थे वहां एक बार मनोज बाजपेयी ठहरने के लिए आए थे। मनोज अपनी चप्पल होटल में ही भूल गए थे जिन्हें पंकज ने रख लिया था। यह किस्सा त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू में सुनाया था। ऐसे में कयास ये लगाए गए थे झा ने ये बातें पंकज त्रिपाठी के लिए कही थीं।

झा ने बॉलीवुड फिल्ममेकर पर साधा था निशाना

पिछले इंटरव्यू में झा ने पंकज के अलावा डायरेक्टर पर भी निशाना साधा था। उनके कमेंट्स को अनुराग कश्यप से जोड़कर देखा गया था। उन्होंने खुद को डायरेक्टर मेकिंग एक्टर बताते हुए कहा था, ‘अगर ‘सत्या’ और ‘गुलाल’ जैसी फिल्मों से एक्टर्स के करियर बने हैं तो कई एक्टर्स ने डायरेक्टर्स का भी करियर बनाया है।

पर यहां कुल लोग बहुत ही लिजलिजे हैं। उनकी रीढ़ की हड्‌डी ही नहीं है। वो अपने शब्द तक नहीं रख पाते। कुछ डायरेक्टर्स तो इतनी बुरी स्थिति में हैं कि खुद उनके पास कोई काम नहीं है। वो एक ही प्रोजेक्ट पर 36 अलग-अलग काम कर रहे हैं।’