येदियुरप्पा की जमानत अर्जी पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई:यौन शोषण केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है

कर्नाटक के पूर्व CM और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने POCSO केस में अरेस्ट वारंट जारी किया। उन पर नाबालिग से यौन शोषण का आरोप है।

वारंट जारी होने के बाद उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत और केस रद्द करने की मांग की याचिकाएं लगाईं। इस पर आज सुनवाई होनी है। कोर्ट आज फैसला सुनाएगा कि येदियुरप्पा की गिरफ्तारी होगी या नहीं।

दरअसल, घटना 2 फरवरी 2024 की है। एक महिला 17 साल की बेटी के साथ येदियुरप्पा के डॉलर्स कॉलोनी स्थित घर रेप केस में मदद मांगने गई थी। आरोप है कि वहां लड़की से छेड़छाड़ हुई।

14 मार्च को नाबालिग की मां की शिकायत के आधार पर बेंगलुरु के सदाशिवनगर पुलिस स्टेशन में येदियुरप्पा के खिलाफ POCSO और 354 (A) के तहत मामला दर्ज किया गया।

FIR दर्ज करवाने वाली महिला (पीड़ित की मां) की 26 मई को मौत हो गई थी। वह लंग कैंसर की मरीज थीं। अब बेटा केस लड़ रहा है। कर्नाटक DIG ने मामले को CID को सौंप दिया था।

बुधवार को CID ने उन्हें पेश होने के लिए समन भेजा था। इसका जवाब देते हुए उनके वकील ने एक हफ्ते का वक्त मांगा। उन्होंने 17 जून को पूछताछ में शामिल होने की बात कही, लेकिन CID फास्ट ट्रैक कोर्ट से वारंट ले आई।

आरोप- लड़की मदद मांगने गई थी, येदि ने जबरदस्ती की
FIR के मुताबिक पीड़ित लड़की उसके साथ हुए यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में येदियुरप्पा से मदद मांगने बेंगलुरु में उनके घर गई थी। तभी येदियुरप्पा ने उसका यौन उत्पीड़न किया। जब पीड़ित कमरे से बाहर भागी तो उसने अपनी मां से कथित छेड़छाड़ के बारे में बताया।

पीड़ित की मां की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई। हालांकि, मामला सामने आने के बाद येदियुरप्पा के ऑफिस ने कुछ दस्तावेज जारी किए। इनमें बताया गया कि FIR करने वाली महिला अब तक अलग-अलग लोगों पर 53 केस कर चुकी है।

मामले में 16 मिनट का एक वीडियो सबसे अहम पहलू है, जिसे मौत से पहले महिला ने पुलिस को सौंपा था। ये 2 फरवरी का है। इसमें महिला व येदियुरप्पा की बातचीत और पुलिस कमिश्नर से फोन पर हुई बातचीत सुनाई दे रही है।

पीड़ित की मां बोली थी- येदि ने चुप रहने को कहा था
FIR के मुताबिक महिला ने आगे यह भी आरोप लगाया कि जब उसने येदियुरप्पा से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह जांच कर रहे थे कि लड़की के साथ रेप हुआ है या नहीं। बाद में येदियुरप्पा ने कथित तौर पर माफी मांगी और महिला से मामले के बारे में किसी को नहीं बताने को कहा।

भाजपा ने कहा- यह बदले की राजनीति है
कर्नाटक भाजपा ने इसे बदले की राजनीति कहा है। भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि राहुल गांधी की बेंगलुरु में मानहानि केस को लेकर सुनवाई हुई थी। इसलिए कांग्रेस अब भाजपा को कोर्ट में घसीटना चाहती है। यह नफरत और बदले की राजनीति है। कर्नाटक पुलिस पिछले 4 महीने से एक्शन क्यों नहीं ले रही थी। गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी कहा था कि केस में कुछ दम नहीं है।

कर्नाटक के गृह मंत्री बोले- राहुल गांधी इसमें शामिल नहीं
इसे लेकर गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा- जब तक हमें सच्चाई का पता नहीं चलता, हम कुछ भी उजागर नहीं कर सकते। यह बहुत संवेदनशील मामला है, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं। देखते हैं रिपोर्ट क्या कहती है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई राजनीतिक एंगल है।

हम महिला को नहीं जानते। वह पुलिस के पास गई और शिकायत की। पुलिस ने उसे मना नहीं किया और मामला दर्ज कर लिया। भाजपा गलत कह रही है। सभी जांच प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। येदियुरप्पा दिल्ली में हैं। अगर वे जल्दी आएं तो अच्छा होगा। राहुल गांधी इसमें शामिल नहीं हैं। भाजपा सिर्फ कहानी बना रही है। इसका कोई मतलब नहीं है।

येदि बोले- मैंने मदद के लिए कमिश्नर को कहा था, वह मेरे खिलाफ ही बोलने लगी
अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप पर येदियुरप्पा ने कहा था- ‘कुछ दिन पहले एक महिला मेरे घर आई थी वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया, कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने को कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी।’

येदि ने बताया- ‘मैंने ही यह मामला पुलिस कमिश्नर तक पहुंचाया है। कल पुलिस ने मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज की। देखते हैं आगे क्या होता है। मैं ये नहीं कह सकता इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है। मैंने पीड़ित की पैसों से मदद की थी। FIR का समय संदिग्ध है, क्योंकि ये चुनाव से ठीक पहले हुई है।”

चार बार मुख्यमंत्री रहे हैं बीएस येदियुरप्पा
बीएस येदियुरप्पा ने 2007 में सात दिनों के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 2008 से 2011 तक, मई 2018 में तीन दिनों के लिए काम किया और फिर जुलाई 2019 से जुलाई 2021 तक मुख्यमंत्री रहे। हफ्तों चले ड्रामे और अनिश्चितता के बाद उन्होंने 2021 में इस्तीफा दे दिया था। अपने फैसले की घोषणा करते समय येदियुरप्पा ने मंच से रोते हुए कहा था कि कर्नाटक के लोगों ने उनकी सरकार पर विश्वास खो दिया है।