दिल्ली पानी संकट, LG बोले-AAP की वही आरोप-प्रत्यारोप की कहानी:यहां 10 साल से उनकी सरकार, गाली-गलौज छोड़कर गवर्नेंस का मॉडल अपनाएं

दिल्ली के कई इलाके अब भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा शासित राज्यों पानी न मिलने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस-भाजपा पानी न मिलने को दिल्ली सरकार की नाकामी बता रहे हैं।

अब दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शनिवार 22 जून को कहा कि पानी की समस्या को लेकर AAP वही आरोप-प्रत्यारोप (ब्लेम गेम) की कहानी दोहरा रही है। दिल्ली में 10 साल से उनकी सरकार है। वे गाली-गलौज छोड़कर गवर्नेंस का मॉडल अपनाएं।

वहीं, AAP ने पानी की कमी को लेकर उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखी है। पार्टी के सांसद, विधायक और नेता रविवार 23 जून को 11 बजे उपराज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

दिल्ली सरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर रोना रो रही है- वीके सक्सेना

एलजी वीके सक्सेना ने कहा कि दिल्ली में लोग पानी के लिए टैंकरों के पीछे दौड़ रहे हैं। ये दिल को झकझोर देने वाला मंजर है। यह साल हो रहा है। दिल्ली सरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर सिर्फ ब्लेम गेम की कहानी रिपीट कर रही है। दिल्ली सरकार में गंभीरता नहीं है, ये चिंता की बात है।

दिल्ली की मंत्री के अनशन का दूसरा दिन, बोलीं- हरियाणा पर्याप्त पानी नहीं दे रहा
दिल्ली की जल मंत्री आतिशी के अनशन का शनिवार 22 जून को दूसरा दिन है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की काफी कमी है। दिल्ली को उसके पड़ोसी राज्यों से पानी मिलता है। हमें 1005 MGD (मिलियन गैलन पर डे) पानी मिलता है, जो घरों में सप्लाई होता है। हरियाणा से हमें 613 MGD पानी मिलता था, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से हरियाणा 513 MGD पानी दे रहा है। इसके चलते दिल्ली के 28 लाख लोगों को पानी नहीं मिल रहा।

मैंने सब कुछ करके देख लिया, लेकिन हरियाणा सरकार पानी देने को राजी नहीं है, इसलिए मेरे पास अनशन पर बैठने के अलावा कोई चारा नहीं है।

दिल्ली में जल संकट क्यों हुआ?
दिल्ली में जल संकट के दो कारण हैं- गर्मी और पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता। दिल्ली के पास अपना कोई जल स्रोत नहीं है। पानी के लिए यह पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, इस साल दिल्ली 32.1 करोड़ गैलन प्रतिदिन पानी की कमी से जूझ रही है।

दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, राज्य को रोजाना 129 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है। हालांकि गर्मियों में केवल 96.9 करोड़ गैलन प्रतिदिन मांग ही पूरी हो पा रही है। यानी दिल्ली की 2.30 करोड़ आबादी को हर दिन 129 करोड़ गैलन पानी चाहिए, लेकिन उसे सिर्फ 96.9 करोड़ गैलन पानी ही मिल रहा है।

दिल्ली को पानी यूपी-पंजाब से भी मिलता है
दिल्ली में पानी की जरूरत हरियाणा सरकार यमुना नदी से, उत्तर प्रदेश सरकार गंगा नदी से और पंजाब सरकार भाखरा नांगल बांध के पानी से पूरी करती है। 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली को हर दिन यमुना से 38.9 करोड़ गैलन, गंगा नदी से 25.3 करोड़ गैलन और भाखरा-नांगल (रावी-व्यास नदी) से 22.1 करोड़ गैलन पानी मिलता था।

इसके अलावा कुएं, ट्यूबवेल और ग्राउंड वाटर से 9 करोड़ गैलन पानी आता था। यानी दिल्ली को हर दिन 95.3 करोड़ गैलन पानी मिलता था। 2024 के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 96.9 करोड़ गैलन हो गया।

जेल जाने से पहले केजरीवाल ने भी अपील की थी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरेंडर करने से पहले पानी की कमी से जूझ रही दिल्ली की जनता के लिए भाजपा से अपील की थी। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि BJP हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों से दिल्ली को एक महीने के लिए पानी देने के लिए कहे।