भतीजे दुष्यंत को चाय पिलाने से चाचा अभय नाराज:हिसार के नारनौंद में कार्यकर्ता को हड़काया, कहा- निकल जा, अब शक्ल मत दिखाना

हिसार में कार्यकर्ता सम्मेलन में अभय चौटाला अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता पर काफी भड़क गए। कार्यकर्ता का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने घर आए दुष्यंत चौटाला का स्वागत किया और उन्हें चाय पिलाई। इसके बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अभय चौटाला को यह रिपोर्ट दी।

हिसार में कार्यकर्ता सम्मेलन में आए अभय चौटाला ने नारनौंद के राखीगढ़ी गांव निवासी प्रताप मलिक को फटकार लगाई। अभय चौटाला ने कहा कि पार्टी को ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। जब अभय चौटाला प्रताप मलिक को फटकार लगा रहे थे तो वह अभय के पीछे खड़े थे और अभय चौटाला की बातें सुनकर उनका सिर शर्म से झुक गया।

अभय चौटाला के भाषण के बाद प्रताप मलिक वहां से चले गए। अभय की फटकार के बाद जब प्रताप मलिक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब कोई घर पर आता है तो चाय-पानी तो मांगना ही पड़ता है। उधर, इनेलो के जिला पदाधिकारियों का कहना है कि प्रताप मलिक काफी दिनों से जेजेपी को चुनाव में मदद कर रहे थे, इसी कारण अभय चौटाला उनसे नाराज थे।

अभय बोले- ऐसे लोगों से बचकर रहें

अभय चौटाला ने कहा कि “नारनौंद का प्रताप मलिक कहा हैं ऐसे लोगों को मत आने दिया करो। यह वो लोग हैं जो तुम्हारी पार्टी का सबसे बड़ा नुकसान करते हैं। यह हमारी गाड़ियों के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं 24 घंटे। यह इतने ज्यादा गिरे हुए और घटिया इंसान है कि सोच भी नहीं सकते।

इस प्रताप मलिक ने दुष्यंत को अपने घर बुलाकर चाय पिलाई। गांव में इसको कोई घुसने नहीं देता और यह दूध पिलाता है। ऐसे लोगों को पार्टी की कोई जरूरत नहीं है। अगर कोई ऐसे काम करता है तो मुझे बताओं मैं उन पर कार्रवाई करूंगा।

आपसी खींचतान में छोड़ चुके हैं कार्यकर्ता

इनेलो और जजपा की परिवार की आपसी लड़ाई में कई कार्यकर्ता पार्टी को छोड़कर भाजपा और कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। इनेलो और जजपा के रिश्ते 2019 लोकसभा चुनाव से पहले से ही जुदा हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश के दोनों बेटे अजय सिंह चौटाला और अभय सिंह चौटाला ने राजनीतिक बंटवारा तो किया ही साथ ही संपत्ति का बंटवारा भी हो चुका है।

इसके बाद इनेलो में कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने इनेलो का साथ छोड़कर अजय सिंह चौटाला की पार्टी जजपा ज्वाइन कर ली थी। मगर जब से इनेलो में फुट हुई है पार्टी हरियाणा में हाशिये पर चली गई है। 2014 में प्रदेश में दूसरे नंबर पर विधायकों वाली पार्टी रहे इनेलो का अब मात्र एक विधायक है। अभय चौटाला को छोड़कर इनेलो में कोई विधायक नहीं जीत पाया। वहीं जजपा के 10 विधायक प्रदेश में हैं। मगर अब वह भी संगठित नहीं है।

विधानसभा में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो छीनेगा सिंबल

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी पार्टी को लगातार 2 चुनाव (लोकसभा व विधानसभा) में निर्धारित वोट नहीं मिलते हैं तो स्टेट पार्टी का दर्जा छिन जाता है। लोकसभा चुनाव में 6% वोट और एक सीट या 8% वोट की जरूरत होती है। विधानसभा में 6% वोट और 2 सीटें होनी चाहिए।

नियम के अनुसार, अगर लगातार 2 चुनाव (2 लोस व 2 विस) में ये सब नहीं होता है तो पार्टी का चुनाव चिह्न भी छिन सकता है। इनेलो ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 1.89% और विधानसभा चुनाव में 2.44% ही वोट हासिल किए थे। इस बार भी लोकसभा के चुनावों में इनेलो का वोट प्रतिशत 6% से कम रहा है। इस बार इनेलो का वोट प्रतिशत 1.87 रहा है।