जानिये- 2022 के दिल्ली नगर निगम चुनाव में किन पार्षदों के कट सकते हैं टिकट

 Municipal Corporation of Delhi Election 2022: दिल्ली नगर निगम उपचुनावों में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने पार्षदों के क्षेत्रों में सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण करने का फैसला लिया है। पांच से 20 मार्च तक प्रदेश के नेता यह निरीक्षण करेंगे। इसके तहत प्रत्येक वार्ड क्षेत्र का निरीक्षण होगा। निरीक्षण का उद्देश्य पार्षदों की कार्यशैली की रिपोर्ट तैयार करना है। साथ ही यह भी कोशिश है कि निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करे। इसके लिए भाजपा प्रदेश के नेताओं को विधानसभा क्षेत्रवार दो से तीन वार्डों की जिम्मेदारी दी है। प्रदेश के उपाध्यक्ष से लेकर प्रवक्ताओं और पूर्व निगम के 66 पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।

उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष अगस्त में भी निगम ने ऐसा सर्वेक्षण किया था। हालांकि अभी तक इसके परिणाम जारी नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है निगम चुनाव में हार के साथ पार्षदों की कार्यशैली को परखने के लिए यह फैसला लिया गया है। ऐसे में जिन पार्षदों का प्रदर्शन दोनों सर्वेक्षण में ठीक नहीं रहेगा उनकी टिकट भी आगामी 2022 के निगम चुनाव में काटी जा सकती है।

इसका होगा सर्वेक्षण

पार्षदों के वार्ड का निरीक्षण करने वाले नेता वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था, डलाव घरों की सफाई, यूरिनल की सफाई के साथ स्कूलों की साफ-सफाई और डिस्पेंसरियों व अस्पतालों को देखेंगे। अगर, कहीं पर भी खामी पाई जाएगी तो उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश भाजपा को देंगे।

इनको दी गई जिम्मेदारी निरीक्षण की जिम्मेदारी

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजन तिवारी को दक्षिणी निगम के सफदरजंग एंकलेव, हौजखास और मालवीय नगर वार्ड की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह बरखा ¨सह को पुष्प विहार और खानपुर वार्ड की जिम्मेदारी मिली है। प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा को पूर्वी निगम का विश्वास नगर, आइपी एक्सटेंशन, आनंद विहार और कृष्णा नगर वार्ड की जिम्मेदारी मिली है। ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष संतोष पाल को त्रिलोकपुरी, मयूर विहार और न्यू अशोक नगर वार्ड दिए गए हैं। प्रदेश प्रवक्ता नवीन कुमार उत्तरी निगम के सिविल लाइंस और चांदनी चौक वार्ड का निरीक्षण करेंगे। विरेंद्र बब्बर सरस्वती विहार, रानी बाग और पश्चिमी विहार वार्ड देखेंगे। इसी तरह पूर्व महापौर रहे योगेंद्र चांदोलिया, दिव्य जायसवाल, डॉ कंवर सेन, सुनीता कांगड़ा समेत कई पदाधिकारियों को अलग-अलग वार्ड की जिम्मेदारी दी है।