Ajeet Singh Murder Case: इनाम घोषित होने के बाद बाहुबली धनंजय सिंह पर कसेगा शिकंजा, करोड़ों की अवैध सम्पत्ति होगी जब्त

प्रदेश के मऊ जिले में गोहना के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह फरार हैं। बाहुबली धनंजय सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित करने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस की रिपोर्ट पर धनंजय सिंह की कई राज्यों में अवैध सम्पत्तियों को अब जब्त करने के साथ ही ईडी से भी धनंजय सिंह के कारोबार की जांच की कराई जाएगी।

लखनऊ में छह जनवरी को मऊ के गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में साजिश रचने के आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह की विभिन्न राज्यों में अवैध सम्पत्तियों को पुलिस अब जब्त करने की कार्रवाई करेगी। लखनऊ के पुलिस उपायुक्त पूर्वी संजीव सुमन ने बताया कि आरोपी ने अवैध ढंग से करोड़ों की संपत्तियां अर्जित  की हैं। अब इनका आंकलन कर जब्त करने की कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग को पत्र लिखा गया है। कई राज्यों में धनंजय सिंह के कई फ्लैट और फॉर्म हाउस हैं। इनमें ईट भट्टे के साथ ही धनंजय सिंह की कई कंपनियां ऐसी भी हैं, जिसमें अंदेशा है कि अवैध धंधा किया जाता है। पुलिस को शक है कि यह करोड़ों की संपत्ति अपराध के बूते ही अर्जित की गई है। इस मामले की जांच करने के लिए ईडी को पत्र भी लिखा गया है।

पुलिस इन संपत्तियों की जांच करने के साथ ही साथ इन्हेंं कुर्क करने की भी र्कारवाई करेगी। माना जा रहा है कि धनंजय सिंह ने अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की सम्पत्ति अर्जित की हैं। इन सम्पत्तियों में लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर छह फ्लैट, दो फार्म हाउस, गोमतीनगर में लैब, फर्जी दस्तावेजों से बनायी गई कई कम्पनियां, दिल्ली, जौनपुर, वाराणसी, मऊ, फतेहगढ़, बाराबंकी में कई फ्लैट व मकान, पेट्रोल पंप हैं। इसके अलावा धनंजय के नाम से विभिन्न स्थानों में स्टैंड, झारखण्ड में फार्म हाउस व ईट-भठ्ठे हैं।

लखनऊ में बीती छह जनवरी की रात विभूतिखंड थाना क्षेत्र में कठौता चौराहे के पास मऊ जिले के गोहना के पूर्व प्रमुख अजीत सिंह और साथी मोहर सिंह पर शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। अजीत को 25 गोलियां मारी गई थीं। इस मामले में मोहर सिंह की तहरीर पर आजमगढ़ के कुंटू सिंह, अखंड सिंह, शूटर गिरधारी समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने धनंजय सिंह को गिरधारी के बयान के आधार पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाया था।