केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का अधिकारियों को निर्देश, 15 दिन में दूर हो शिक्षकों की कमी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक शुक्रवार शाम से लखनऊ दौरे पर हैं। लखनऊ में उन्होंने ट्रिपल आइटी, आइआइएम, जवाहर नवोदय विद्यालय तथा केंद्रीय विद्यालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रात में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भेंट कर नई शिक्षा नीति पर भी चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री निशंक ने शुक्रवार शाम को राजधानी लखनऊ में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, आइआइएम लखनऊ और ट्रिपल आइटी के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक कर इन शिक्षण संस्थाओं के कामकाज की समीक्षा की और उनकी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इस दौरान सभी को नई केंद्रीय शिक्षा नीति को भी शीघ्र अमल मे लाने की तैयारी करने का निर्देश दिया। मंत्री ने इस दौरान उत्तर प्रदेश में सभी केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को 15 दिन में दूर करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में भी केंद्रीय विद्यालय के निर्माण का कार्य जल्दी ही पूरा हो, जिससे कि यहां पर भी शैक्षणिक सत्र 2021-22 से पठन पाठन का काम शुरू हो सके।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर प्रदेश में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रदेश में नई शिक्षा नीति को लागू करने के बारे में राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इसके साथ ही निशंक तथा मुख्यमंत्री के बीच प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी कक्षा के संचालन की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। निशंक ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नई शिक्षा नीति को प्रदेश में अमली जामा पहनाने के प्रयासों की सराहना की। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने भेंट के दौरान प्रदेश में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को दिन में नई दिल्ली में ई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का उद्घाटन किया। पूरी तरह से वर्चुअल संस्करण में आयोजित हो रहे इस मेले का इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कहते हैं कि जो पढ़ता है वही आगे बढ़ता है। मेरा भी यह मानना है, जिसमें लिखने-पढऩे और उसको अमल में लाने की क्षमता है, वह अच्छा लीडर हो सकता है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पर बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह नीति तो लोकल को ग्लोबल स्तर पर ले जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2021 का वर्चुअल संस्करण एक स्वागत योग्य कदम है। यह पढऩे की संस्कृति और किताबों के प्रकाशन से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

हरिद्वार लोक सभा सीट से भाजपा के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। रमेश पोखरियाल लगातार दूसरी बार हरिद्वार से सांसद चुने गए है। रमेश पोखरियाल निशंक का जन्म 15 जुलाई 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी जिले के पिनानी ग्राम में हुआ था। उन्होंने एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल से कला स्नातकोत्तर, पीएचडी (ऑनर), डी लिट् (ऑनर) की डिग्री प्राप्त की है। वह वर्ष 1991 से उत्तराखंड के कर्णप्रयाग से लगातार तीन बार विधायक रहे। वर्ष 1997 में यूपी में कल्याण सिंह मंत्रीमंडल में वह कैबिनेट मंत्री थे। 1999 में रामप्रकाश गुप्त की सरकार में संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री थे। वर्ष 2000 में नवगठित उत्तराखंड सरकार में वित्त, राजस्व, कर, पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री थे। वर्ष 2007 में उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य व विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री थे। वह वर्ष 2009 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री चुने गए। इसके बाद वर्ष 2012 में डोईवाला (देहरादून) से विधायक तथा वर्ष 2014 में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। वह 2014 में लोकसभा की सरकारी आश्वासन समिति के सभापति थे। इसके बाद 2019 में हरिद्वार लोक सभा क्षेत्र से फिर संसद चुने गए।