हांगकांग पर चीन के नए कदम से अमेरिकी सांसद चिंतित, चुनाव व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

भारतीय मूल के सांसद एमी बैरा के नेतृत्व वाले अमेरिकी सांसदों के एक प्रभावशाली समूह ने हांगकांग पर चीन के नए कदम पर गहरी चिंता जताई है। बीजिंग ने अपने नियंत्रण वाले हांगकांग की राजनीति को नियंत्रित करने के लिए यहां की चुनाव व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है।

अमेरिकी सांसदों के समूह ने कहा, ‘हम हांगकांग की चुनाव व्यवस्था में बदलाव को लेकर बीजिंग की ओर से किए गए एलान से बेहद चिंतित हैं। इन बदलावों के जरिये हांगकांग की स्वायत्तता, बुनियादी स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर बीजिंग की पकड़ और मजबूत हो जाएगी।’ इस समूह में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं। हांगकांग में चुनाव संबंधी प्रस्ताव पर गुरुवार को चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की मुहर लग सकती है। इस कदम से हांगकांग की विधायिका में लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या सीमित हो जाएगी।

अमेरिकी सांसदों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘बीजिंग अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का फिर उल्लंघन कर रह रहा है। हम बाइडन प्रशासन से हांगकांग की स्वायत्तता की रक्षा करने का आग्रह करते हैं।’ चुनाव व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव के अनुसार, हांगकांग की चुनाव समिति के पास विधायिका के सभी सदस्यों के नामांकन का अधिकार होगा। इस समिति के पास विधायिका के कुछ सदस्यों के चयन का अधिकार भी होगा। चीन समर्थित चुनाव समिति हांगकांग के नेता का चयन करती है।

ब्रिटेन ने 1997 में सौंपा था हांगकांग

वर्ष 1997 में ब्रिटेन ने चीन को इस शर्त के साथ हांगकांग सौंपा था कि वह इसकी स्वायत्तता और नागरिक अधिकारों को बनाए रखेगा।