ग्रेटर नोएडा के पास 10 लाख रुपये में पाए प्लॉट, आवेदन के लिए सिर्फ 15 दिन शेष; चूक ना जाना

मार्च के पहले सप्ताह में लॉन्च हुई यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की आवासीय भूखंड योजना का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। आलम यह है कि महज कुछ दिनों के दौरान ही ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन के तहत 8000 से अधिक आवेदन फॉर्म बिक चुके हैं, इनमें 1200 लोगों ने तो 10 फीसद की पंजीकरण राशि भी जमा कर दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि 30 मार्च की अंतिम तारीख तक 440 फ्लैटों की इस योजना में 20,000 से अधिक लोग आवेदन करेंगे। यह आंकड़ा आगे भी जा सकता है। ऐसे में अगर आपको आवेदन करना है तो इसके लिए अंतिम तारीख 30 मार्च है।

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण ने इस स्कीम में कुल 440 प्लॉट लॉन्च किए हैं। इनमें 345 प्लॉट सामान्य श्रेणी के हैं, जबकि 76 किसानों के लिए आरक्षित हैं। भूखंड की आवासीय और औद्योगिक स्कीम में आवेदन 30 मार्च तक किया जा सकता है, जबकि स्कीम का ड्रॉ 5 मई को निकाला जाएगा।

ये हैं प्लॉट के साइज

  • 60 वर्ग मीटर
  • 90 वर्ग मीटर
  • 120 वर्ग मीटर
  • 300 वर्ग मीटर
  • 500 वर्ग मीटर
  • 1000 वर्ग मीटर
  • 2000 वर्ग मीटर
  • 4000 वर्ग मीटर

60 वर्ग मीटर प्लॉट के आरक्षित वर्ग को आवेदन राशि 50,600 रुपये देनी होगी जबकि अन्य के लिए 10,1200 रुपये है।

90 वर्ग मीटर प्लॉट में आवेदन के लिए आरक्षित वर्ग को 75,900 रुपये देने होंगे और सामान्य वर्ग को 151800 राशि देनी होगी।

120 वर्ग मीटर प्लॉट के लिए आरक्षित वर्ग को आवेदन राशि 101200 रुपये देनी होगी और 202400 रुपये सामान्य वर्ग के लोगों को जमा करने होंगे।

300 वर्ग मीटर प्लॉट में आरक्षित वर्ग के लिए आवेदन राशि 248250 रुपये है और 496500 रुपये सामान्य वर्ग के लिए है।

500 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए आरक्षित वर्ग को आवेदन राशि 413750 रुपये देनी होगी, जबकि सामान्य वर्ग को 827500 रुपये जमा करने होंगे।

1000 वर्ग मीटर प्लॉट में आवेदन के लिए आरक्षित वर्ग को आवेदन राशि 827500 रुपये जमा करने होंगे और सामान्य वर्ग को 1655000 रुपये देने होंगे।

2000 वर्ग मीटर प्लॉट के लिए आरक्षित वर्ग के लिए आवेदन राशि 165500 रुपये है और सामान्य वर्ग के लिए 331000 रुपये है।

4000 वर्ग मीटर भूखंड के लिए आरक्षित वर्ग को आवेदन राशि 331000 रुपये देनी होगी और 662000 रुपये सामान्य वर्ग के लिए है।

भूखंड योजनाओं से प्राधिकरण का बेड़ा पार

बताया जा रहा है कि यमुना प्राधिकरण ने कमाई के लिए हिट फॉर्मूला तलाश लिया है। चालू वित्त वर्ष में औद्योगिक व आवासीय भूखंड योजनाओं के जरिये प्राधिकरण 2000 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का आंकड़ा पूरा कर चुका है। मार्च में निकाली गई औद्योगिक व आवासीय भूखंड योजना से प्राधिकरण को राजस्व प्राप्ति में 500 करोड़ रुपये का और इजाफा होने की उम्मीद है। दोनों योजनाएं इसी महीने 30 मार्च को समाप्त होंगी।

यमुना प्राधिकरण ने अपने गठन के दो दशकों में काफी उतार चढ़ावा देखे हैं। करीब पांच हजार करोड़ का कर्जदार होने के बाद इसे नोएडा प्राधिकरण में शामिल किए जाने की अटकलें लगना शुरू हो गई थीं, लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने प्राधिकरण की स्थिति का पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। प्राधिकरण कर्ज के बोझ को डेढ़ हजार करोड़ तक लाने में कामयाब रहा है।

30 मार्च को समाप्त होंगी प्राधिकरण की दोनों भूखंड योजनाएं

कोरोना काल में प्राधिकरण की भूखंड योजनाएं बेहद सफल रही हैं। औद्योगिक योजनाओं के जरिये दो लाख लोगों के लिए रोजगार सृजित करने के साथ प्राधिकरण ने 7290.54 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है। एयरपोर्ट से निवेश के अवसरों का फायदा उठाने के लिए प्राधिकरण वित्त वर्ष के अंतिम माह में दो भूखंड योजनाएं निकालकर राजस्व प्राप्ति में 25 सौ करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पहुंचने की कोशिश में है। यह प्रयास सफल भी होते नजर आ रहे हैं। 440 भूखंड की आवासीय योजना के लिए 8000 से अधिक आवेदन पत्र की बिक्री हो चुकी है। 60, 90 व 120 वर्गमीटर के भूखंडों को लेकर आवेदकों में अधिक रुझान है। कहा जा रहा है कि 60 मीटर के लिए आवेदन सबसे अधिक आने के आसार हैं, लेकिन इनकी संख्या सबसे कम है। बावजूद इसके 60 वर्ग मीटर के आवेदन के लिए ज्यादा मारामारी रहेगी।

डॉ. अरुणवीर सिंह (सीईओ यमुना प्राधिकरण) का कहना है कि राजस्व की दृष्टि से चालू वित्त वर्ष बेहद सफल साबित हुआ है। नई संपत्ति आवंटन एवं पुराने आवंटियों से वसूली की स्थिति अच्छी रही है। आवंटियों को जून तक भूखंडों पर कब्जा देने के लिए विकास कार्य चल रहे हैं।