पत्नी से हुए अवैध संबंध तो जीजा-साले ने मौत के घाट उतारा, सिंघु बार्डर पर किसानों के बीच छिपे रहे

कैथल के गांव बाकल वासी पवन की हत्या को अवैध संबंधों के चलते जीजा-साले ने एक अन्य के साथ मिलकर अंजाम दिया था। उसे पहले शराब पिलाई और फिर नशे की हालत में उसे चाकुओं से गोद दिया था। उसे गाड़ी में छोड़कर फरार हो गए थे। एक आरोपित को पुलिस ने पहले ही काबू कर लिया था। जीजा-साला सिंघू बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में पहुंच गए। लगभग डेढ़ महीने किसानों के बीच छिपते रहे। उन्हें पुलिस ने धर दबोचा।

सीआइए इंचार्ज रामफल ने बताया कि नौ जनवरी की रात बाकल (कैथल) वासी पवन की हत्या कर दी गई। आरोपित शव उसी की गाड़ी में डालकर फरार हो गए। पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने हत्या में शामिल बसी वासी साहिल को पांच फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था। साहिल ने माना कि मृतक पवन के बसी वासी कृष्ण की पत्नी से अवैध संबंध थे। इसके चलते कृष्ण और उसके साले राहड़ा वासी अंकुश ने योजनाबद्ध तरीके से पवन को मारा था। पहले उसे शराब पिलाई, फिर चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया था।

पवन का था कृष्ण के घर आना-जाना

इंचार्ज ने बताया कि कृष्ण और पवन अच्छे दोस्त थे। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना लगा रहता था। इस बीच कृष्ण की पत्नी के संबंध पवन से हो गए। इसकी सूचना कृष्ण को लग गई। इसके बाद कृष्ण ने अपने साले अंकुश और दोस्त साहिल को बुलाकर पवन को ठिकाने लगाने का प्लान तैयार किया। नौ जनवरी की शाम को पवन के पास फोन कर असंध बुला लिया। इसके बाद सभी ने शराब पी। चौगामा के पास कृष्ण और अंकुश ने पवन पर चाकू से एक के बाद एक कई वार किए और पवन को घायल कर गाड़ी में डालकर फरार हो गए।

हत्या करके बसी गांव में रुके आरोपित

रामफल ने बताया कि आरोपित कृष्ण और अंकुश हत्या करने के बाद 12 जनवरी तक बसी गांव में रुके। वे 13 तारीख को सहापर कंडेला में अपने रिश्तेदार के पास रुके। फिर जींद बस अड्डे इत्यादि पर रहे। इसके बाद किसानों के साथ किसान आंदोलन में सिंघू बॉर्डर पर रहे। इस दौरान आरोपितों ने किसी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। इंचार्ज ने बताया कि कृष्ण ने अफेयर की बात खुद कबूली है।