सामिया हसन बनी पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया की पहली महिला राष्ट्रपति

सामिया सुलुहू हसन पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया की पहली महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। उन्हें मुख्य न्यायाधीश इब्राहिम जुमावोइंग ने दार-ए-सलाम में सरकारी कार्यालय स्टेट हाउस में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सामिया हसन ने देश के संविधान को बरकरार रखने का संकल्प लिया। तंजानिया के पूर्व राष्ट्रपति अली हसन मिन्यी, जकाया किकवेते और आबिद करुमे तथा मंत्रिमंडल के सदस्य भी इस मौके पर मौजूद रहे। इससे पहले 61 साल की सामिया हसन देश की उपराष्ट्रपति थीं।

सामिया हसन ने दो दिन पहले ही राष्ट्रपति जॉन मगुफुली के निधन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि मगुफुली का निधन हार्ट अटैक से हुआ, जबकि बेल्जियम में निर्वासित जीवन गुजार रहे विपक्ष के नेता टुंडू लिसू ने राष्ट्रपति की मौत की वजह कोरोना को बताया है।

बता दें कि मगुफुली ने कोरोना को तंजानिया के लिए समस्या मानने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय प्रार्थना ने देश से कोरोना को खत्म कर दिया है। निधन से एक हफ्ते उन्होंने माना था कि कोरोना देश के लिए गंभीर खतरा है।

जॉन मगुफुली को बुलडोजर के नाम से भी जाना जाता था। उन्‍हें ये नाम उनकी नीतियों की वजह से मिला था। बता दें कि उनके निधन के बाद सरकारी टीवी चैनल पर धार्मिक गीत दिखाए गए और शोक मनाया गया है। उनके निधन की घोषणा करते हुए हासन ने राष्‍ट्रपति जॉन को एक बहादुर नेता बताया। उन्‍होंने इसे राष्‍ट्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है। उन्‍होंने बताया है कि राष्‍ट्रपति ने दर ए सलाम के अस्‍पताल में अंतिम सांस ली। आपको बता दें कि तंजानिया के इतिहास में वो पहले ऐसे राष्‍ट्रपति हैं जिनका निधन पद पर रहते हुए हुआ है।