किसान आंदोलन के बीच हाईवे पर रुका पक्का निर्माण, लेकिन अब प्लाइबोर्ड से भी बन रहे तंबू

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच नेशनल हाइवे पर अब प्लाइबोर्ड से भी तंबू बन रहे हैं। बाईपास पर सड़क के बीचोंबीच प्लाई से कामरानुमा तंबू बनाए जा रहे हैं। पक्का निर्माण फिलहाल रुक गया है। पिछले दिनों इस मामले में पुलिस-प्रशासन की ओर से सख्ती दिखाई गई थी। साथ ही एफआइआर भी दर्ज हुई थी। उससे पहले निर्माण चल रहा था, मगर पुलिस-प्रशासन ने अब आंदोलन स्थल पर नजर टिका रखी है।

किसान संयुक्त मोर्चा के नेता भी कई बार पक्का निर्माण न करने की अपील कर चुके हैं। पुराने जो भी पक्के निर्माण और बोरवेल हैं, उनको हटाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की कोशिश है कि अब और कोई पक्का निर्माण न हो। आंदाेलनकारियों का तर्क है कि जब आंदोलन खत्म होगा तो वे सभी तरह के तंबुओं को खुद ही  हटाएंगे।

इस बीच एक तरफ आंदोलनकारियों की नजर पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर है तो दूसरी तरफ मई के पहले पखवाड़े में दिल्ली कूच का भी किसानों ने एलान कर रखा है। आंदोलनकारी नेता पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा के खिलाफ प्रचार कर चुके हैं। मगर परिणाम उनकी अपेक्षा के अनुरूप आएंगे या नहीं यह अभी साफ नहीं है।

5 को एफसीआइ कार्यालयों का होगा घेराव

आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 5 अप्रैल को एफसीआइ के कार्यालयों के घेराव की भी तैयारी है । इसके लिए किसानों ने कमर कस रखी है। किसान नेताओं का कहना है कि सभी गतिविधियों को सफल बनाया जाएगा।