Parveen Babi से कबीर बेदी के अलावा महेश भट्ट और डैनी डेन्जोंगपा करते थे बहुत प्यार, एक्ट्रेस की मौत की खबर सुन हुआ था ऐसा हाल

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता कबीर बेदी इन दिनों अपनी बायोग्राफी ‘स्टोरीज आई मस्ट टेल: द इमोशनल लाइफ ऑफ द एक्टर’ (Stories I Must Tell) को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी इस किताब में उन्होंने निजी जिंदगी को लेकर कई खुलासे किए हैं। इतना ही नहीं कबीर बेदी ने बॉलीवुड की दिवंगत और मशहूर अभिनेत्री परवीन बॉबी के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खुलासा किया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि जब परवीन बॉबी का निधन हुआ तो वह, महेश भट्ट और डैनी डेन्जोंगपा उनके अंतिम संस्कार में पहुंचे थे।

कबीर बेदी ने अपनी बायोग्राफी में बताया है कि उनके अलावा महेश भट्ट और डैनी डेन्जोंगपा परवीन बॉबी के बहुत प्यार करते थे। परवीन बॉबी का साल 2005 में शरीर के कई अंग फेल होने की वजह से निधन हो गया था। दिवंगत अभिनेत्री का शव चार दिन तक जुहू स्थित उनके घर में पड़ा हुआ था। परवीन बॉबी के निधन की घटना का जिक्र कबीर बेदी ने अपनी किताब में भी किया है।

उन्होंने किताब में लिखा कि 20 जनवरी 2005 को परवीन बॉबी ने अकेले घर में दम तोड़ दिया था। चार दिनों तक उनका शव बेड पर सड़ता रहा। जब दरवाजे से दूध और ब्रेड नहीं हटा तो किसी ने पुलिस को इस बात की जानकारी दी। कबीर बेदी लिखते हैं, ‘आखिर में, मुझे पता चला कि परवीन की मौत कैसे हुई थी। उसका शव उनके जुहू के फ्लैट में पाया गया था जब वह मर गई थी, उनके पैर सड़ गया था। एक स्टार का अकेले और दुखद अंत जो कभी लाखों लोगों की कल्पना थी।’

कबीर बेदी ने आगे लिखा, ‘तीन लोग जो उन्हें जानते थे और उससे बहुत प्यार करते थे – महेश, डैनी और मैं। जुहू में मुस्लिम कब्रिस्तान में उनके अंतिम संस्कार के लिए आए थे। इस्लामी संस्कारों और मंत्रों के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। हमने उसके शरीर को रिश्तेदारों के साथ एक मंद रोशनी वाली कब्र में रखा गया था। हम में से एक ने उसे न जाने कितने तरीकों से जाना था। हम में से एक ने उसे प्यार किया था जैसा कि हर एक जानता था।’

इसके अलावा कबीर बेदी ने परवीन बॉबी और अपने रिश्ते को लेकर और भी ढेर सारी बातें लिखी हैं। उन्होंने किताब में परवीन बॉबी के साथ अपने रिश्ते को लेकर हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। अभिनेता ने खुलासा किया है कि उनके लिए पत्नी प्रोतिमा गुप्ता के साथ ओपन मैरिज में रहना शुरू में बहुत अच्छा था लेकिन बाद में इससे उन्हें अधिक परेशानी होने लगी थी। बेदी ने कहा कि इससे उनके बीच नजदीकियों में कमी आई। उनके अनुसार, उन्हें वह प्यार महसूस नहीं हुआ जो वह चाहते थे। कबीर ने कहा कि वह अकेला और खाली महसूस करने लगे थे। परवीन बाबी उनकी जिंदगी में ऐसी शख्स थीं जिसने कबीर बेदी के अकेलेपन के शून्य को भर दिया था।