दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू की वजह से बहादुरगढ़ की इंडस्ट्री हाेगी प्रभावित, दो दिन बंद रहेगा कामकाज

दिल्ली में शुक्रवार रात 10 बजे से लेकर सोमवार सुबह 6 बजे तक वीकेंड कर्फ्यू लगाने की वजह से बहादुरगढ़ के उद्योगों पर संकट छा गया है। तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन की वजह से यहां के उद्योग धंधे पहले से ही काफी माली हालत में चल रहे थे, वहीं अब दिल्ली के वीकेंड कर्फ्यू ने उद्यमियों को पसोपेश में डाल दिया है। ऐसे में शुक्रवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक फैक्ट्रियां बंद रहने के पूरे-पूरे आसार हैं। दिल्ली सरकार की ओर से सिर्फ आवश्यक सेवाओं के लिए ही पास दिए जा रहे हैं। ऐसे में अन्य फैक्ट्रियों के कर्मचारियों व उद्यमियों का बहादुरगढ़ पहुंचना काफी मुश्किल लग रहा है।

इसी बात के चलते फैक्ट्री मालिकों की ओर से इस बारे में उपायुक्त झज्जर जितेंद्र कुमार से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। दोपहर बाद तक यह मुलाकात हो सकती है। उद्यमियों की ओर से फैक्ट्री वर्कर व उन्हें वीकेंड कर्फ्यू में छूट दिलाने की मांग की जा रही है, ताकि वे अपने काम धंधे चला सके। बहादुरगढ़ फुटवियर पार्क एसोसिएशन के वरिष्ठ उप प्रधान नरेंद्र छिकारा, बहादुरगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य वरिंद्र कुमार व संयुक्त सचिव हरी शंकर बाहेती ने बताया कि बहादुरगढ़ में 7000 से ज्यादा इंडस्ट्री हैं।

इनमें  20 से 25 फीसद कर्मचारी दिल्ली से आते हैं। यहां की फैक्ट्रियों के अमूमन मालिक दिल्ली व बड़े कर्मचारी दिल्ली से ही आवागमन करते हैं। ऐसे में अगर दिल्ली सरकार की ओर से वीकेंड कर्फ्यू लगाया गया है तो ऐसे में फैक्ट्री के मालिक यहां पर नहीं आ पाएंगे और ना ही कर्मचारी। इस वजह से यहां की फैक्ट्रियां में काम बंद हो जाएगा। पहले से ही बहुत सारी फैक्ट्रियों में 50 फीसद काम ही हो रहा है। कृषि कानूनों के विरोध में ही चल रहे आंदोलन की वजह से फैक्ट्रियों में नुकसान हो रहा था।

अब दिल्ली सरकार के वीकेंड कर्फ्यू की वजह से दो दिन फैक्ट्रियां बंद रहेंगी तो उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। बहुत सारी फैक्ट्रियों ऐसी हैं जो चैन सिस्टम में काम करती हैं और उनमें 24 घंटे काम चलता रहता है। ऐसे में इन फैक्ट्रियों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उद्यमियों ने सरकार से फैक्ट्रियों के लिए इस वीकेंड कर्फ्यू से छूट देने की मांग की है।