Oxygen Shortage in Delhi: अब अस्पतालों में खत्म होगी ऑक्सीजन की किल्लत, छत्तीसगढ़ से दिल्ली पहुंची ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन

दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट धीरे-धीरे खत्म होने की बढ़ रहा है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से चलकर ऑक्सीजन टैंकरों के साथ एक ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन दिल्ली कैंट पहुंच गई है। इसके बाद अब दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, दिल्ली के लिए पहली ऑक्सिजन एक्सप्रेस ट्रेन लगभग 70 टन जीवन रक्षक गैस यानी ऑक्सीजन लेकर राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह पहुंची। इसके बाद ऑक्सीजन को टैंकरों के जरिये भिजवाना शुरू भी हो गया है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के राजगढ़ से दिल्ली और इससे सटे हरियाणा के गुरुग्राम के अस्पतालों में लगातार ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है।  इससे पहले रविवार को भी जेएसपीएल के रायगढ़ संयंत्र से आक्सीजन टेंकर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचा था, जिसके बाद विभिन्न अस्पतालों में टैंकरों के जरिये ऑक्सीजन आपूर्ति की गई थी।

वहीं, जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिंदल ने पिछले दिनों बयान भी दिया था कि जेएसपीएल के ऑक्सीजन कारखाने में टेंकरों को तरल चिकित्सा ऑक्सीजन से भरा जा रहा है और देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा रहा है। हमारी कोशिश है कि ऑक्सीजन संकट को किसी तरह कम किया जा सके।

यह भी जानें

छत्तीसगढ़ के प्लांटों से विभिन्न राज्यों को 3000 से अधिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई है और यह लगातार जारी है। जेएसपीएल  के अधिकारियों के मुताबिक, एक हफ्ते पहले औसतन 1500 से 1700 मीट्रिक टन प्रति दिन भेजा जा रहा था, जिसने बढ़ा दिगया गया है।

निजी अस्पतालों में आक्सीजन की उपलब्धता तय करेंगे दानिक्स अधिकारी

निजी अस्पतालों में आक्सीजन की उपलब्धता अब दानिक्स अधिकारी सुनिश्चित करेंगे। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव उदित प्रकाश राय ने सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर कहा है कि जितने भी दानिक्स (दिल्ली, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा) अधिकारियों को निजी अस्पतालों के प्रबंधन का दायित्व मिला है वे प्रतिदिन अस्पतालों का दौरा करेंगे व अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर प्रतिदिन की आक्सीजन खपत का ब्योरा तैयार करेंगे।उन्होंने कहा कि ये अधिकारी निजी अस्पतालों में आक्सीजन स्टोर करने की क्षमता की जानकारी रखेंगे, आपूर्ति की जानकारी प्राप्त करेंगे। अस्पताल में कितने आक्सीजन सिलेंडर हैं व कितने खाली हैं। यह जानकारी रखेंगे। आक्सीजन आपूर्तिकर्ता कंपनी के शीर्ष अधिकारी से संपर्क रखेंगे व शीघ्र आपूर्ति तय करेंगे। इसके साथ ही वे सुनिश्चित कराएंगे कि निजी अस्पताल आक्सीजन से संबंधित सभी जानकारी दिल्ली सरकार के पोर्टल पर प्रतिदिन भेज रहे हैं।