पूर्वांचल-मध्य यूपी में 55 नए CNG स्टेशनों को हरी झंडी, इन तीन जिलों में PNG भी जल्द

लगातार बिगड़ रहे पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों पर निर्भरता कम करने की योजना आगे बढ़ रही है। इसके लिए पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में सीएनजी कॉरीडोर के और विस्तार को हरी झंडी मिल गई है। उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष में इन क्षेत्रों में 55 और नए सीएनजी पंप चालू हो जाएंगे।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई के लिए टोरंट गैस को लाइसेंस दिया है। इनमें मुरादाबाद, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, बस्ती, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और बलिया तक शामिल हैं।

हो जाएंगे सौ पंप

कंपनी के एमडी नरेंद्र कुमार के मुताबिक, मौजूदा समय में 45 सीएनजी पंप विभिन्न जनपदों में संचालित हैं। अन्य क्षेत्रों में मार्च-अप्रैल तक 55 और पंप खोलने की योजना है। इसके बाद इन 14 जिलों में कुल सौ पंप हो जाएंगे।

तीन जिलों में पीएनजी भी जल्द

सीएनजी के साथ ही कंपनी घर-घर में रसोई गैस पहुंचाने की योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी की योजना फिलहाल गोरखपुर और ओरैया में सप्लाई शुरू करने की है। मुरादाबाद के कुछ इलाकों में सप्लाई पहले से है। दूसरे जिलों में पीएनजी पाइन लाइन की प्रक्रिया चल रही हैं।

जिला-संचालित सीएनजी पंप-प्रस्तावित  

मुरादाबाद-15-8

कानपुर देहात, इटावा व ओरैया-14-9

गोरखपुर, संतकबीरनगर और कुशीनगर-10-10

गोंडा व बाराबंकी-4-8

बस्ती व अंबेडकरनगर-2-10

आजमगढ़ व बलिया 3-9