हरियाणा में कोरोना पॉजीटिव मरीजों को मुफ्त मिलेगी पांच हजार रुपये की कोरोना किट, जानें क्या-क्या है इसमें

हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड मरीजों के लिए एक ऐसी किट तैयार की है, जिसमें कोविड से बचाव के लिए तमाम एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाइयों के साथ-साथ जरूरी उपकरण होंगे। इन उपकरणों का इस्तेमाल कर मरीज न केवल अपनी हालत का अनुमान लगा सकते हैं, बल्कि दवाइयों का नियमित सेवन करते हुए कोरोना को शिकस्त भी दे सकते हैं। इस किट की कीमत चार से पांच हजार रुपये है। बता दें, पंजाब पहले ही ऐसी ही किट मरीजों को मुफ्त दे रहा है।

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में इस होम आइसोलेट किट का लोकार्पण किया। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा सहित कई अधिकारियों की उपस्थिति में विज ने कहा कि यह किट वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक हर हाल में पहुंचनी चाहिए। यदि किटों के दुरुपयोग और अवितरण संबंधी कोई शिकायत आई तो संबंधित लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस किट को बांटने का उद्देश्य अपने घरों में रहकर इलाज हासिल कर रहे लोगों को राहत देने तथा अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करते हुए उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ करने का है। स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. वीणा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की विशेष रुचि के चलते यह किट तैयार की गई है, ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा इसका लाभ हासिल हो सके।

किट को स्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया है, जिसमें एक ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, स्टीमर और मास्क के साथ साथ एलोपैथिक तथा आयुर्वेदिक दवाइयां भी हैं। स्वास्थ्य सचिव राजीव अरोड़ा के अनुसार मौजूदा समय में प्रदेश में 98 हजार मरीज होम आइसोलेशन में रहकर अपना उपचार करा रहे हैं। अब जल्द से जल्द यह किट पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर पहुंचाने का काम करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस किट की अनुमानित राशि चार से पांच हजार रुपये है, जिसका विभाग की ओर से कोई पैसा मरीजों से नहीं लिया जाएगा। उन्होंने मरीजों से भी आह्वान किया कि वह अपनी मजबूत इच्छा शक्ति और आयुर्वेदिक दवाइयों के बूते जल्द से जल्द कोरोना को मात देकर कोरोना वारियर्स बनें।

बता दें विज ने हाल ही में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए उनके टीकाकरण की शुरुआत कराई है। चंडीगढ़ में यह टीके लग चुके हैं, जबकि पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर मानकर टीकाकरण कराने संबंधी आदेशों का अभी जिलों में इंतजार किया जा रहा है।