खामनेई की मौत पर अजमेर में विरोध:काली पट्टी बांधकर निकाला जुलूस, दुबई में फंसे डीग के ज्योतिषी; युद्ध के कारण फ्लाइट रद्द

अमेरिका और इजरायल के हमले से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर अजमेर के तारागढ़ दरगाह पर रात को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर जुलूस निकाला और अमेरिका और इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की।

वहीं दौराई में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए, महिलाओं, बच्चों सहित शिया समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाला और पुतले भी जलाए।

इधर डीग जिले के नगर क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय ज्योतिषी रंगनाथ शर्मा दुबई में फंस गए हैं। उन्हें 1 मार्च को भारत लौटना था, लेकिन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते फ्लाइट रद्द हो गई और एयरपोर्ट से उन्हें वापस होटल भेज दिया गया। वे 28 फरवरी को आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में शामिल होने दुबई गए थे। भाई मिथलेश जोशी ने बताया कि वीडियो कॉल से बात हुई है। रंगनाथ शर्मा सुरक्षित हैं और परिवार उनकी घर वापसी का इंतजार कर रहा है।

इजराइल के हमले के विरोध में तारागढ़ अजमेर में पंचायत खुद्दाम सैयद ज़ादगान तारागढ़ अजमेर की ओर से जुलूस इमाम बारगाह से मीरां साहब के आस्ताना शरीफ तक निकाला गया।

मौलाना सैयद मेंहदी जैदी ने सम्बोधित किया। विरोध स्वरूप तारागढ़ पर बाजार पूरी तरह से बंद रहा। सभी लोग गमगीन रहे । इस दौरान सभी लोगों ने अपनी बाजू पर काली पट्टियां बांधी और हमले का विरोध जताया।

पंचायत खुद्दाम सैयद ज़ादगान ने तीन दिन तक शोक मनाने की घोषणा की है। हर तरह की खुशियों को भी रद्द करने का ऐलान किया है। इस मौके पर पंचायत खुद्दाम सैयद ज़ादगान तारागढ़ और दरगाह कमेटी तारागढ़ के मेंबर्स सहित कई लोग मौजूद रहे।

जुलूस में पंचायत खुद्दाम के अध्यक्ष सैयद अकील हुसैन, सचिव सैयद रब नवाज़ जाफरी, सह सचिव सैयद महमूद, उपाध्यक्ष फिरोज़ , सैयद इमरान, सदस्य सैयद सफदर अली, सैयद शकील रज़ा और दरगाह कमेटी के सदस्य सैयद हफीज अली, सैयद एहसान हुसैन सहित कई लोग शामिल हुए।

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